बॉलीवुड की चकाचौंध दुनिया में रिश्तों, भावनाओं और व्यक्तिगत अनुभवों को अक्सर पर्दे के पीछे रखने की कोशिश की जाती है। लेकिन कुछ सच ऐसे होते हैं जो समय आने पर खुद-ब-खुद बाहर आ जाते हैं—ना नज़रअंदाज़ किए जा सकते हैं और ना ही छिपाए जा सकते हैं। ऐसी ही एक हैरानी भरी स्वीकारोक्ति हाल ही में सामने आई है, जब अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने खुलासा किया कि उनका बचपन का क्रश कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड के हीमैन—धर्मेंद्र थे।

सुनीता ने अपने यूट्यूब चैनल पर पहली बार इतनी निजी भावना को शब्द दिए और बताया कि जब उन्हें यह खबर मिली कि धर्मेंद्र ICU में हैं, तो वह खुद को रोक नहीं सकीं और फूट–फूटकर रो पड़ीं। यह सिर्फ किसी स्टार के बीमार होने पर प्रतिक्रिया नहीं थी—यह उन अनगिनत यादों, सपनों और किशोर उम्र की भावनाओं का उफान था जिन्हें वह वर्षों से दिल के एक कोने में संजोए बैठी थीं।
धर्मेंद्र: वह नाम जिसने पीढ़ियों को मोह लिया
यह सच है कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की वह परंपरा हैं जिसमें रोमांस, ऐक्शन, सादगी और मर्दानगी का बेहतरीन मिश्रण मिलता है। 60 और 70 के दशक में जब धर्मेंद्र ने बड़े पर्दे पर कदम रखा, तो भारतीय महिलाएँ उनकी मुस्कान, डायलॉग डिलीवरी, आँखों की चमक और सहज व्यक्तित्व की दीवानी होने लगीं।
धर्मेंद्र की छवि ऐसी थी कि कई लड़कियाँ उनके पोस्टर अपने कमरों में लगाया करती थीं। कुछ तो अपनी डायरी में उनके नाम के आगे दिल भी बना देती थीं। यही कारण है कि जब सुनीता ने खुलासा किया कि उनका बचपन का क्रश धर्मेंद्र थे, तो यह बात किसी भी मायने में असामान्य नहीं लगी—बल्कि यह उन करोड़ों भारतीय लड़कियों की साझा भावना थी जो किसी न किसी दौर में धर्मेंद्र पर लट्टू रही हैं।
सुनीता की किशोर उम्र की यादें: दिल जीत लेने वाला मासूम आकर्षण
सुनीता ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया कि जब वह छोटी थीं, तब धर्मेंद्र की फ़िल्में उनके घर में बहुत देखी जाती थीं। हर बार जब धर्मेंद्र स्क्रीन पर आते, सुनीता की आँखें चमक उठतीं। उनकी माँ को भी यह बात समझ में आ जाती थी कि घर की बेटी एक सुपरस्टार पर अपना दिल हार चुकी है।
उन दिनों इंटरनेट और सोशल मीडिया नहीं था, इसलिए किसी स्टार के लिए मन में प्रेम रखना एक बड़े सपने जैसा होता था—एक मासूम सा एहसास, जो दिल में छिपा रहता था। सुनीता के लिए धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक प्रेरणा की तरह थे—एक ऐसी शख्सियत जो उन्हें हर फ़िल्म में कुछ नया महसूस करवाती थी।
ICU की खबर और सुनीता का टूट जाना
कुछ समय पहले जब धर्मेंद्र को स्वास्थ्य समस्या के चलते ICU में भर्ती किया गया, तो जैसे ही यह खबर सुनीता तक पहुँची, उनके भीतर छुपी सारी पुरानी भावनाएँ जैसे एक ही पल में बाहर आ गईं। उन्होंने बताया—
“मैं उस दिन अपने आप को रोक नहीं सकी। दिल जैसे धक् से बैठ गया। मैं खूब रोई… शायद इसलिए कि बचपन की वह भावना आज भी कहीं न कहीं मेरी आत्मा में जिंदा है।”
दिलचस्प बात यह है कि यह सुनकर लोग हैरान जरूर हुए, पर कहीं न कहीं यह पूरी तरह समझ भी आया कि किसी ऐसे इंसान के लिए चिंता होना बिल्कुल स्वाभाविक है जिसने आपके बचपन में आपकी दुनिया को खूबसूरत बनाया हो।
गोविंदा की प्रतिक्रिया: मुस्कान, हैरानी और अपनापन
यह खुलासा सिर्फ सुनीता की भावनाओं की झलक नहीं था, बल्कि इसने गोविंदा और सुनीता के रिश्ते की मजबूती पर भी रोशनी डाली|गोविंदा reportedly मुस्कुरा दिए और बोले—
“अरे, धर्मेंद्र तो हम सबके हीरो हैं! उनका क्रश होना कोई हैरानी की बात नहीं।”
उनकी यह प्रतिक्रिया बताती है कि दोनों के रिश्ते में समझ और सहजता की कितनी गहराई है। गोविंदा खुद बॉलीवुड में सुपरस्टार रहे हैं, लेकिन उनके लिए यह स्वीकार करना कि उनकी पत्नी किसी और स्टार की दीवानी थीं, रिश्ते की परिपक्वता को दर्शाता है।
यूट्यूब चैनल पर सुनीता की भावनाएँ क्यों आईं बाहर?
सुनीता आजकल लगातार सुर्खियों में हैं क्योंकि हाल ही में उन्होंने अपना नया यूट्यूब चैनल शुरू किया है। यहाँ वे अपनी जिंदगी, रिश्तों, संघर्षों और खुशियों के बारे में खुलकर बात करती हैं। एक वीडियो में वे भावुक हुईं और बोलीं—
“मैं इतना रोई हूँ कि शायद लोग समझ भी नहीं पाएँगे। धर्मेंद्र सिर्फ एक स्टार नहीं… मेरे बचपन का हिस्सा हैं।”
यही वीडियो वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने इसे साझा किया।
धर्मेंद्र और सुनीता: एक ‘पीढ़ियों का फासला’, लेकिन भावनाओं का पुल
यह दिलचस्प है कि धर्मेंद्र और सुनीता के बीच दो पीढ़ियों का अंतर है। फिर भी, सुनीता जैसी लाखों भारतीय लड़कियों के लिए धर्मेंद्र वह ‘पहला प्यार’ थे जिन्हें उन्होंने कभी छू नहीं सके, पर अपने दिल में हमेशा संजोए रखा|
सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया फैंस ने लिखा—
- “धर्मेंद्र पर क्रश तो होना ही था, मैडम!”
- “हम सब का पहला प्यार धर्मेंद्र ही थे।”
- “गोविंदा सर बहुत बड़े दिल के इंसान हैं।”
लोगों ने इसे सुनीता की सच्चाई और मासूमियत के रूप में देखा।
