भारतीय बैंकिंग सेक्टर में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक समय जिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कमजोर बैलेंस शीट, ऊंचे एनपीए और सुस्त ग्रोथ के लिए जाना जाता था, वही बैंक अब धीरे-धीरे मजबूती के साथ वापसी कर रहे हैं। चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के आंकड़े इसी बदलती कहानी को बयां करते हैं। यूको बैंक ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने न केवल निवेशकों का ध्यान खींचा बल्कि बाजार में इसके शेयरों को भी नई ऊर्जा दी।

दिसंबर तिमाही में यूको बैंक की मजबूत कारोबारी रफ्तार
अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच यूको बैंक का कुल कारोबार उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। इस अवधि में बैंक का टोटल बिजनेस तिमाही आधार पर 3.36 प्रतिशत और सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5.54 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि बैंक की बैलेंस शीट लगातार विस्तार के रास्ते पर है और उसके कारोबार में स्थिरता लौट रही है।
खास बात यह रही कि इस तिमाही में बैंक की लोन ग्रोथ ने डिपॉजिट ग्रोथ को पीछे छोड़ दिया। आम तौर पर बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट और लोन ग्रोथ के बीच संतुलन बेहद अहम माना जाता है, लेकिन जब एडवांसेज की रफ्तार तेज होती है और वह नियंत्रित जोखिम के साथ आगे बढ़ती है, तो इसे बैंक की आक्रामक लेकिन सोच-समझकर बनाई गई रणनीति का संकेत माना जाता है।
लोन बुक में तेज उछाल
दिसंबर 2025 तिमाही में यूको बैंक का कुल लोन बुक तिमाही आधार पर 5.19 प्रतिशत और सालाना आधार पर 16.27 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 2.43 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह वृद्धि दर्शाती है कि बैंक ने इस दौरान कॉरपोरेट, एमएसएमई और रिटेल सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया।
लोन ग्रोथ का यह स्तर इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते कुछ वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जोखिम से बचने के लिए कर्ज देने में अपेक्षाकृत सतर्क रहे हैं। यूको बैंक का यह प्रदर्शन बताता है कि बैंक अब बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल वाले ग्राहकों को कर्ज देने में आत्मविश्वास महसूस कर रहा है।
डिपॉजिट ग्रोथ रही स्थिर लेकिन संतुलित
जहां लोन ग्रोथ ने तेज रफ्तार पकड़ी, वहीं बैंक के डिपॉजिट्स में भी निरंतर बढ़ोतरी देखने को मिली। दिसंबर 2025 तिमाही में यूको बैंक के कुल डिपॉजिट्स 3.10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। यह आंकड़ा तिमाही आधार पर 1.64 प्रतिशत और सालाना आधार पर 10.71 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
डिपॉजिट ग्रोथ का यह स्तर बताता है कि ग्राहकों का भरोसा बैंक पर बना हुआ है। खासकर मौजूदा प्रतिस्पर्धी माहौल में, जहां निजी बैंक और छोटे वित्तीय संस्थान आकर्षक ब्याज दरों के जरिए डिपॉजिट खींचने की कोशिश कर रहे हैं, वहां यूको बैंक का यह प्रदर्शन संतोषजनक माना जा सकता है।
एसेट मिक्स में दिखा सुधार
यूको बैंक के लिए दिसंबर तिमाही केवल ग्रोथ के आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एसेट मिक्स में भी सुधार देखने को मिला। बैंक का सीएएसए रेश्यो, जो किसी भी बैंक की फंडिंग कॉस्ट को समझने का अहम पैमाना होता है, इस तिमाही में बेहतर हुआ है।
दिसंबर 2025 तिमाही में बैंक का सीएएसए रेश्यो तिमाही आधार पर बढ़कर 38.41 प्रतिशत पर पहुंच गया, जबकि सालाना आधार पर यह 37.97 प्रतिशत से सुधरा है। उच्च सीएएसए रेश्यो का मतलब है कि बैंक को कम लागत वाले फंड्स ज्यादा मात्रा में उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उसकी नेट इंटरेस्ट मार्जिन और मुनाफे की संभावनाएं मजबूत होती हैं।
क्रेडिट-डिपॉजिट रेश्यो में उछाल
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यूको बैंक का क्रेडिट-डिपॉजिट रेश्यो भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। यह रेश्यो तिमाही आधार पर 75.47 प्रतिशत और सालाना आधार पर 74.45 प्रतिशत से उछलकर 78.61 प्रतिशत पर पहुंच गया।
इसका सीधा मतलब है कि बैंक अपने जमा धन का ज्यादा प्रभावी तरीके से कर्ज के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेश्यो का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि तरलता पर दबाव न आए।
शेयर बाजार में दिखा सकारात्मक असर
यूको बैंक के मजबूत कारोबारी अपडेट का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया। दिसंबर तिमाही के आंकड़े सामने आने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और बैंक के शेयरों में तेज उछाल देखा गया।
कारोबार के अंत में यूको बैंक का शेयर 3.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 30.52 रुपये पर बंद हुआ। दिन के दौरान इंट्रा-डे ट्रेडिंग में यह करीब 3.96 प्रतिशत उछलकर 30.70 रुपये तक पहुंच गया था। यह उछाल इस बात का संकेत है कि बाजार ने बैंक के प्रदर्शन को सकारात्मक रूप से लिया है।
पिछले एक साल में शेयर की चाल
हालांकि हालिया तेजी के बावजूद यूको बैंक के शेयरों की एक साल की यात्रा उतार-चढ़ाव से भरी रही है। 14 जनवरी 2025 को बैंक का शेयर 46.34 रुपये के स्तर पर पहुंच गया था, जो उस अवधि का रिकॉर्ड उच्च स्तर था।
इसके बाद महज तीन महीनों के भीतर शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली और 7 अप्रैल 2025 को यह 42.10 प्रतिशत टूटकर 26.83 रुपये के स्तर पर आ गया, जो एक साल का निचला स्तर रहा। इस स्तर से शेयर ने धीरे-धीरे रिकवरी शुरू की, लेकिन पिछले नौ महीनों में यह केवल 13.75 प्रतिशत तक ही संभल पाया है।
वर्तमान स्तर पर भी यूको बैंक का शेयर अपने एक साल के उच्च स्तर से करीब 34.14 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद, ताजा कारोबारी आंकड़ों ने निवेशकों को यह संकेत दिया है कि बैंक की बुनियादी स्थिति में सुधार हो रहा है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए क्या मायने
यूको बैंक का यह प्रदर्शन केवल एक बैंक की कहानी नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक क्षेत्र के पूरे बैंकिंग सिस्टम में हो रहे बदलाव का संकेत भी देता है। सरकार और नियामक संस्थाओं द्वारा पिछले कुछ वर्षों में किए गए सुधारों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।
बेहतर पूंजीकरण, जोखिम प्रबंधन पर फोकस और डिजिटल बैंकिंग की ओर बढ़ते कदमों ने इन बैंकों को दोबारा प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद की है। यूको बैंक की दिसंबर तिमाही इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा मानी जा सकती है।
आगे की राह
आने वाले समय में निवेशकों और बाजार की नजरें यूको बैंक के मुनाफे, एनपीए स्तर और मार्जिन पर टिकी रहेंगी। अगर बैंक लोन ग्रोथ के साथ-साथ एसेट क्वालिटी को भी मजबूत बनाए रखने में सफल रहता है, तो यह उसके लिए लंबी अवधि में सकारात्मक साबित हो सकता है।
दिसंबर 2025 तिमाही ने यह साफ कर दिया है कि यूको बैंक अब केवल अस्तित्व की लड़ाई नहीं लड़ रहा, बल्कि विकास की राह पर भी मजबूती से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।
