उज्जैन शहर में हाल ही में एक चिंताजनक घटना सामने आई, जिसने स्थानीय प्रशासन और आम जनता दोनों की चिंता बढ़ा दी। चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सर्चिंग अभियान चलाते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर चाइनीज मांझा बेचने के लिए शहर में घूम रहे थे। गिरफ्तारी के समय आरोपियों की उम्र लगभग 19-19 वर्ष बताई गई। इनके पास से पुलिस ने कुल 23 रोल चाइनीज मांझे जब्त किए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। चाइनीज मांझा, जिसकी धार और तेज़ी बेहद खतरनाक होती है, अक्सर खेल-खेल में कई लोगों को घायल कर देता है। इस प्रकार की अवैध बिक्री और इस्तेमाल पर कड़े नियंत्रण की आवश्यकता होती है।
चाइनीज मांझे का खतरा
चाइनीज मांझा, जिसे आम भाषा में पतंग की डोर के लिए इस्तेमाल किया जाता है, वास्तव में अत्यंत खतरनाक साबित हो सकता है। इसके कारण न केवल पतंगबाज़ों को चोट लगती है, बल्कि अक्सर राहगीरों, वाहन चालकों और बच्चों तक को गंभीर चोटें आती हैं। तेज़ कटिंग वाले मांझे ने उज्जैन में पिछले कुछ महीनों में कई लोगों को घायल किया है। यही वजह है कि पुलिस ने इसे रोकने के लिए सघन अभियान चलाया।
विशेषज्ञों का कहना है कि चाइनीज मांझा में नायलॉन, कांच की सूक्ष्म तारें या अन्य तेज़ सामग्री होती है, जिससे यह आम मांझों की तुलना में अधिक खतरनाक होता है। इसके कारण हादसों की संख्या बढ़ जाती है और गंभीर चोटें आती हैं, जिससे अस्पतालों में आकस्मिक मरीजों की संख्या में इजाफा होता है।
पुलिस की कार्रवाई और अभियान
चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों से मिली शिकायतों और अपने गुप्त सूचना नेटवर्क के आधार पर यह सर्चिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान तीन युवकों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई और उन्हें पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि युवकों के पास से जब्त किए गए 23 रोल चाइनीज मांझे उनकी मुख्य आपूर्ति सामग्री थी, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये लोग लंबे समय से अवैध व्यापार में संलग्न थे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार युवकों से पूछताछ जारी है। इस मामले में जांच यह पता लगाने के लिए भी की जा रही है कि ये युवक किन सप्लायरों से चाइनीज मांझा प्राप्त करते थे और इसे शहर के किन क्षेत्रों में बेचा जाता था। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि जिन क्षेत्रों में यह मांझा बिक रहा था, वहां सुरक्षा मानकों का उल्लंघन न हो।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की। कई लोगों ने बताया कि चाइनीज मांझा के कारण उनके परिवार और पड़ोसियों को कई बार चोटें आई हैं। युवा और बच्चे, जो अक्सर खुले मैदानों में खेलते हैं, सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। नागरिकों ने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से भविष्य में दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सकती है।
उज्जैन के कुछ व्यापारियों ने भी इस कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि चाइनीज मांझा की बिक्री स्थानीय दुकानों के लिए भी खतरा बन चुकी थी क्योंकि इसे खरीदने और रखने पर कानूनी जोखिम भी बढ़ता है।
कानूनी पहलू और दंड
चाइनीज मांझा की बिक्री और उपयोग कई राज्यों में प्रतिबंधित है। भारतीय दंड संहिता और स्थानीय सुरक्षा नियमों के तहत इसका व्यापार गैरकानूनी माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति इसे बेचता या इस्तेमाल करता है, तो उस पर जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। उज्जैन पुलिस ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
सुरक्षा के उपाय और जागरूकता
पुलिस और प्रशासन ने जनता को आगाह किया है कि वे किसी भी तरह के खतरनाक मांझे के संपर्क में न आएं। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा बेचते या उपयोग करते पकड़ा जाता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। इसके साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को जागरूक किया जा रहा है कि वे पतंगबाजी के दौरान केवल सुरक्षित मांझों का उपयोग करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर पतंगबाजी करते समय हमेशा सुरक्षा उपकरण जैसे दस्ताने और मोटी कपड़े की आस्तीन का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, बच्चों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए कि वे कभी भी तेज़ या खतरनाक मांझों के संपर्क में न आएं।
उज्जैन में आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि यह अभियान केवल तीन युवकों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा। शहर में लगातार सघन निगरानी और छापेमारी जारी रहेगी। पुलिस ने स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा है ताकि ऐसे खतरनाक सामान की बिक्री और उपयोग को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि उज्जैन में इस साल कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें चाइनीज मांझा इस्तेमाल करने से लोग घायल हुए हैं। इसलिए यह कार्रवाई समय पर और जरूरी थी।
