रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दुनिया की सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली हस्तियों में से एक माने जाते हैं। 4 साल बाद पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत का दौरा करने जा रहे हैं। इस दौरान वह दिल्ली में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे।

पुतिन के दौरे का महत्व केवल कूटनीतिक और राजनीतिक नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी दुनिया के लिए हमेशा चर्चा का विषय रहती है। रूस के पूर्व केजीबी एजेंट रह चुके पुतिन अपनी सुरक्षा को लेकर अत्यंत सतर्क हैं। उनकी सुरक्षा टीम हमेशा हर स्थिति में उन्हें सुरक्षित रखने के लिए तैयार रहती है। यह सुरक्षा व्यवस्था बेहद एडवांस तकनीक, ट्रेनिंग और रणनीति का संयोजन है।
1. मल-मूत्र वाला सूटकेस: पुतिन की निजी सुरक्षा का अनोखा पहलू
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुतिन अपनी सेहत और निजी जीवन को सार्वजनिक होने से बचाने के लिए अत्यधिक सावधान रहते हैं। विदेश यात्रा के दौरान उनका मल और मूत्र भी एक विशेष सूटकेस में संग्रहित किया जाता है, जिसे सील करके रूस भेज दिया जाता है। उनके बॉडीगार्ड्स उन्हें निजी क्षणों में भी हर समय सुरक्षित रखते हैं, चाहे वह बाथरूम जाने के लिए क्यों न हो। यह सुरक्षा का एक ऐसा अनोखा पहलू है जो दुनिया में शायद ही किसी अन्य नेता के मामले में देखा गया हो।
2. पुतिन के बॉडीगार्ड्स: सख्त चयन और 35 साल में रिटायरमेंट
पुतिन की सुरक्षा टीम में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों का चयन बेहद कड़ा और जाँच-पड़ताल से होकर गुजरता है। अधिकांश बॉडीगार्ड फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस अकादमी (FSO) से आते हैं। चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू, पॉलीग्राफ टेस्ट और विस्तृत बैकग्राउंड जांच शामिल होती है। इनके लिए कुछ शारीरिक मानदंड भी निर्धारित हैं: लंबाई 5.8-6.2 फीट, वजन 75-90 किलोग्राम और विदेशी भाषाओं का ज्ञान आवश्यक है। इन बॉडीगार्ड्स को कठोर सर्दियों और युद्ध जैसी परिस्थितियों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। सुरक्षा में उनका योगदान इतना महत्वपूर्ण होता है कि हाई लेवल बैठकों और अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों में भी ये हस्तक्षेप करते हैं। पुतिन के बॉडीगार्ड 35 साल की उम्र में रिटायर कर दिए जाते हैं।
3. पुतिन के बॉडी डबल्स (नकली पुतिन)
पुतिन कभी-कभी सार्वजनिक कार्यक्रमों या उच्च जोखिम वाली स्थितियों में अपने बॉडी डबल्स का उपयोग करते हैं। यूक्रेन के सैन्य विशेषज्ञों का दावा है कि पुतिन कम से कम तीन बॉडी डबल्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें से कुछ ने अपने चेहरे की विशेषताओं को पुतिन जैसा बनाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवाई है। यह रणनीति उनकी सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाती है, जिससे संभावित हमलावर भ्रमित रह जाते हैं।
4. पुतिन की बुलेटप्रूफ कार
पुतिन अपने प्लेन से उतरने के बाद ऑरस मोटर्स और रूस के NAMI संस्थान द्वारा डिजाइन की गई ऑरस सीनेट कार का उपयोग करते हैं। यह कार अत्यधिक सुरक्षित है और बुलेटप्रूफ है। ग्रेनेड हमले, आग और अन्य खतरों को झेलने की क्षमता इसमें है। खास बात यह है कि यदि चारों टायर पंचर हो जाएं, तब भी यह कार 249 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती है। इसमें एडवांस कमांड सिस्टम, इमरजेंसी ऑक्सीजन सप्लाई और लक्जरी सुविधाएँ भी मौजूद हैं।
5. पुतिन का खास संचार माध्यम
किसी भी देश में यात्रा से पहले रूस की सुरक्षा एजेंसी उस देश के अपराध, आतंकवाद और विरोधी गतिविधियों का गहन अध्ययन करती है। पुतिन मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते। उनके लिए हर देश में विशेष सुरक्षित संचार लाइन और टेलीफोन बूथ तैयार किया जाता है।
6. पर्सनल लैब में खाने की जांच
पुतिन अपने खाने को जहर से सुरक्षित रखने के लिए पर्सनल लैब लेकर यात्रा करते हैं। होटल स्टाफ का उपयोग नहीं करते और अपनी शेफ व हाउसकीपिंग टीम रूस से लाते हैं। सुरक्षा टीम होटल का निरीक्षण करती है और सभी विदेशी खाद्य सामग्री को हटाकर सुरक्षित सामग्री रखती है। कभी-कभी केवल उनकी टीम के लिए अलग लिफ्ट और भोजन व्यवस्था की जाती है।
7. फ्लाइंग प्लूटन: न्यूक्लियर कमांड प्लेन
पुतिन का विमान, इल्युशिन IL-96-300 PU, “फ्लाइंग प्लूटन” कहा जाता है। इसमें उन्नत संचार, मिसाइल सुरक्षा, बैठक कक्ष, जिम, बार और चिकित्सा सुविधा है। इसमें एक इमरजेंसी न्यूक्लियर कमांड बटन भी है, जिससे पुतिन हवा में रहते हुए हमले का आदेश दे सकते हैं। यह विमान 262 लोगों को ले जा सकता है और 11,000 किलोमीटर तक बिना रुके उड़ सकता है।
8. बॉडीगार्ड मानव ढाल बनते हैं
हमले की स्थिति में बॉडीगार्ड पुतिन के चारों ओर एक मानव ढाल बनाते हैं। फिर उन्हें तुरंत ऑरस सीनेट कार तक और आवश्यक होने पर बैकअप जेट में ले जाया जाता है।
9. बैकअप जेट
आपात स्थिति में पुतिन के प्लेन के साथ एक या दो बैकअप जेट भी होते हैं। यात्रा से पहले उनके बॉडीगार्ड दो सप्ताह तक क्वारंटीन में रहते हैं, ताकि पूरी तरह तैयार रहें।
10. एंटी-ड्रोन सिस्टम
पुतिन की सुरक्षा टीम ड्रोन और आधुनिक तकनीकी खतरों से निपटने के लिए हाथ से संचालित एंटी-ड्रोन इंटरसेप्टर का उपयोग करती है। यह किसी भी दुश्मन ड्रोन को निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है।
