स्मार्टफोन और इंटरनेट ने जिस ऐप को आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना दिया है, वह WhatsApp अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। वर्षों तक पूरी तरह मुफ्त रहने वाला यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म अब ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां उपयोगकर्ताओं को इसके कुछ फीचर्स के लिए जेब ढीली करनी पड़ सकती है। WhatsApp के नए बीटा वर्जन से जुड़े संकेत बताते हैं कि कंपनी जल्द ही सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश कर सकती है, खासकर स्टेटस फीचर को लेकर।

अब तक WhatsApp को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में देखा जाता रहा है, जहां बिना किसी शुल्क के मैसेज भेजना, कॉल करना और स्टेटस साझा करना संभव था। यही वजह है कि यह ऐप हर उम्र, हर वर्ग और हर पेशे के लोगों के फोन में मौजूद है। लेकिन टेक्नोलॉजी की दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं होता और अब WhatsApp भी उसी रास्ते पर बढ़ता दिख रहा है, जिस पर इससे पहले कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चल चुके हैं।
बीटा वर्जन से मिला बड़ा संकेत
WhatsApp के वर्जन 2.26.3.9 के कोड की जांच के दौरान ऐसे कई संकेत सामने आए हैं, जिनसे यह साफ होता है कि कंपनी स्टेटस टैब में विज्ञापन दिखाने की तैयारी कर रही है। यही नहीं, इसके साथ एक ऐसा विकल्प भी विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत यूजर्स पैसे देकर इन विज्ञापनों से छुटकारा पा सकेंगे। इसे पेड एड-फ्री सब्सक्रिप्शन मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब WhatsApp के किसी बीटा वर्जन से भविष्य के फीचर्स का खुलासा हुआ हो। इससे पहले भी कई बड़े बदलाव पहले बीटा वर्जन में ही नजर आए हैं और बाद में उन्हें आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया है। ऐसे में यह मानना गलत नहीं होगा कि स्टेटस के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल किसी न किसी रूप में भविष्य में सामने आ सकता है।
क्या सच में WhatsApp फ्री नहीं रहेगा?
यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में उठ रहा है कि क्या अब WhatsApp इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने होंगे। इस सवाल का जवाब थोड़ा संतुलित है। फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि मैसेज भेजने, कॉल करने या चैटिंग के लिए यूजर्स से शुल्क लिया जाएगा। WhatsApp का यह संभावित सब्सक्रिप्शन मॉडल केवल स्टेटस फीचर तक सीमित रहने की संभावना रखता है।
इसका अर्थ यह है कि जो यूजर्स WhatsApp स्टेटस देखते हैं या नियमित रूप से स्टेटस का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भविष्य में दो विकल्प मिल सकते हैं। पहला विकल्प यह होगा कि वे बिना पैसे दिए स्टेटस देखें, लेकिन इसके साथ उन्हें विज्ञापन भी देखने पड़ेंगे। दूसरा विकल्प यह होगा कि वे एक तय राशि का भुगतान करें और विज्ञापन-मुक्त स्टेटस का अनुभव लें।
स्टेटस फीचर क्यों बना कमाई का जरिया
WhatsApp स्टेटस फीचर को कंपनी ने सोशल मीडिया के ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए विकसित किया था। यह फीचर देखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन इसके जरिए करोड़ों यूजर्स रोजाना जुड़े रहते हैं। स्टेटस टैब पर लोगों का समय बिताना, विज्ञापन दिखाने के लिहाज से बेहद फायदेमंद माना जाता है।
दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां अब फ्री सेवाओं के साथ विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन मॉडल का संतुलन बना रही हैं। WhatsApp भी इसी रणनीति की ओर बढ़ रहा है। कंपनी लंबे समय से अपने प्लेटफॉर्म को मोनेटाइज करने के तरीकों पर काम कर रही है और स्टेटस फीचर इस दिशा में एक बड़ा अवसर बनकर उभरा है।
यूजर्स की नाराजगी और कंपनी का रुख
जब भी किसी लोकप्रिय ऐप में विज्ञापन या शुल्क की बात होती है, तो यूजर्स की नाराजगी सामने आना स्वाभाविक है। WhatsApp के मामले में भी यही देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूजर्स के विरोध के बावजूद कंपनी इस फीचर पर लंबे समय से काम कर रही है।
इससे यह साफ होता है कि WhatsApp अपने फैसले को लेकर गंभीर है और भविष्य में इसे लागू करने के लिए तैयार है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बीटा वर्जन में मिले संकेत इस दिशा में मजबूत इशारा करते हैं।
पेड एड-फ्री सब्सक्रिप्शन का मतलब
पेड एड-फ्री सब्सक्रिप्शन का सीधा अर्थ है कि जो यूजर्स पैसे देंगे, उन्हें स्टेटस देखने के दौरान किसी भी तरह का विज्ञापन नहीं दिखेगा। वहीं जो यूजर्स सब्सक्रिप्शन नहीं लेंगे, उन्हें स्टेटस टैब में विज्ञापन दिखाई देंगे।
यह मॉडल उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो बिना किसी रुकावट के कंटेंट देखना चाहते हैं। वहीं जो लोग पैसे खर्च नहीं करना चाहते, वे विज्ञापन देखकर भी WhatsApp का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस तरह कंपनी दोनों तरह के यूजर्स को साथ लेकर चलने की कोशिश कर सकती है।
सब्सक्रिप्शन कब से लागू हो सकता है
सबसे बड़ा सवाल यह है कि WhatsApp का यह सब्सक्रिप्शन मॉडल कब लागू होगा। फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। जो जानकारी उपलब्ध है, वह केवल बीटा वर्जन के कोड से मिली है।
ऐसे में यह माना जा रहा है कि WhatsApp तुरंत इस फीचर को लॉन्च नहीं करेगा। कंपनी पहले इसे टेस्ट कर सकती है, यूजर्स की प्रतिक्रिया देख सकती है और फिर धीरे-धीरे इसे सभी के लिए उपलब्ध करा सकती है। यह भी संभव है कि अलग-अलग देशों में इसे अलग-अलग समय पर लागू किया जाए।
WhatsApp Business और विज्ञापन की भूमिका
WhatsApp का एक अलग प्लेटफॉर्म WhatsApp Business भी मौजूद है, जिसे खासतौर पर कारोबारियों के लिए बनाया गया है। इस ऐप के जरिए बिजनेस यूजर्स अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं।
फिलहाल WhatsApp Business यूजर्स को विज्ञापन देने का विकल्प मिलता है, लेकिन ये विज्ञापन मुख्य रूप से मेटा के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखाई देते हैं। भविष्य में जब WhatsApp स्टेटस पर विज्ञापन आने लगेंगे, तो यह संभव है कि बिजनेस यूजर्स के विज्ञापन सीधे WhatsApp के नॉर्मल यूजर्स को भी दिखने लगें।
आम यूजर पर क्या पड़ेगा असर
अगर यह मॉडल लागू होता है, तो आम यूजर्स के अनुभव में एक बड़ा बदलाव आएगा। अब तक जहां WhatsApp पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त था, वहीं भविष्य में स्टेटस टैब पर विज्ञापन दिखना आम बात हो सकती है।
हालांकि यह बदलाव धीरे-धीरे आएगा और यूजर्स को इसके लिए तैयार होने का समय मिलेगा। यह भी संभव है कि WhatsApp विज्ञापनों की संख्या सीमित रखे, ताकि यूजर अनुभव ज्यादा प्रभावित न हो।
डिजिटल इकोनॉमी और WhatsApp की रणनीति
आज की डिजिटल इकोनॉमी में फ्री सेवाओं का दौर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। कंपनियां अब टिकाऊ कमाई के मॉडल की तलाश में हैं। WhatsApp का यह कदम भी उसी दिशा में देखा जा सकता है।
कंपनी के पास करोड़ों यूजर्स का विशाल आधार है और स्टेटस फीचर के जरिए वह विज्ञापनदाताओं को एक नया मंच दे सकती है। साथ ही सब्सक्रिप्शन मॉडल से उसे सीधे यूजर्स से भी आय प्राप्त हो सकती है।
निष्कर्ष
WhatsApp का संभावित सब्सक्रिप्शन मॉडल यह संकेत देता है कि आने वाले समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फ्री और पेड सेवाओं के बीच की रेखा और स्पष्ट होगी। स्टेटस फीचर के जरिए विज्ञापन और पेड एड-फ्री विकल्प WhatsApp के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
यूजर्स के लिए यह समय होगा सोचने का कि वे सुविधा के लिए पैसे देना चाहते हैं या विज्ञापनों के साथ फ्री अनुभव को स्वीकार करेंगे। इतना तय है कि WhatsApp का यह नया रूप डिजिटल दुनिया में एक नई बहस को जन्म देगा।
