दुनिया में कुल 195 देशों में से, कुछ देशों की सेनाएं इतनी कमजोर हैं कि किसी बाहरी आक्रमण या प्राकृतिक संकट के समय उनके पास आत्मरक्षा की पर्याप्त क्षमता नहीं होती। इन देशों की सैन्य शक्ति को मापने के लिए विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है, जैसे सैनिकों की संख्या, हथियारों की आधुनिकता, तकनीकी क्षमता, रक्षा बजट, भू-स्थिति और रसद प्रणाली। हाल ही में जारी रिपोर्ट में दुनिया की सबसे कमजोर सेनाओं की सूची सामने आई है, जो इन देशों की रक्षा क्षमता की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।

1. भूटान: कमज़ोर सैन्य संरचना के कारण सबसे कमजोर
भूटान को इस सूची में सबसे कमजोर सेना वाला देश माना गया है। इसका PowerIndex 6.3704 है, जो इस वर्ग में सबसे अधिक है। भूटान की सेना आकार में छोटी है, और आधुनिक हथियारों की कमी के कारण इसके पास सीमित क्षमता है। यहां की एयरफोर्स लगभग नगण्य है और भूमि रक्षा पर ही निर्भरता है। इसके अलावा, भूटान की भौगोलिक स्थिति भी सीमित संसाधनों के कारण रक्षा में बाधा डालती है।
2. मोल्दोवा: यूरोप का कमजोर सैन्य देश
मोल्दोवा, यूरोप का एक छोटा देश, सेना की सीमित संरचना के कारण दूसरे स्थान पर है। इसका PowerIndex 4.2311 दर्ज किया गया है। यहां सैनिकों और हथियारों की संख्या लगातार घट रही है और रक्षा बजट बेहद कम है। देश की सुरक्षा का अधिकांश भार बाहरी देशों पर निर्भर करता है।
3. सूरीनाम: सीमित सैनिक और हथियार
दक्षिण अमेरिका का सूरीनाम केवल लगभग 2,000 सैनिकों के साथ एक अत्यंत कमज़ोर सेना रखता है। इसका PowerIndex 3.9038 है। देश के पास जहाजों, फाइटर जेट, भारी हथियार या आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की गंभीर कमी है। यही कारण है कि सूरीनाम सबसे कमजोर देशों की सूची में शामिल है।
4. सोमालिया: आंतरिक संघर्ष और कमजोर सेना
सोमालिया दशकों से आंतरिक संघर्ष, आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। इसका PowerIndex 3.9006 है। यहां सेना में संसाधनों की कमी, एकता की कमी और आधुनिक हथियारों का अभाव इसे कमजोर बनाता है।
5. बेनिन: सीमित निवेश और तकनीकी पिछड़ापन
पश्चिम अफ्रीका का छोटा देश बेनिन (PowerIndex 3.6357) आधुनिक हथियार और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण कमजोर माना जाता है। देश में रक्षा क्षेत्र में निवेश बेहद सीमित है।
6. लाइबेरिया: गृहयुद्ध का प्रभाव
लाइबेरिया का PowerIndex 3.1862 है। वर्षों तक चले गृहयुद्ध ने इसके सैन्य ढांचे को बुरी तरह प्रभावित किया। भले ही सेना को दोबारा संगठित किया गया, लेकिन आधुनिक हथियार, प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों की कमी अभी भी इसे कमजोर बनाती है।
7. बेलीज: छोटी सेना और सीमित संसाधन
कैरेबियन का देश बेलीज (PowerIndex 3.1257) सीमित जनसंख्या, छोटे रक्षा बजट और आधुनिक हथियारों की कमी के कारण कमजोर सेनाओं में शामिल है।
8. सिएरा लियोन: संघर्ष और आर्थिक चुनौतियां
सिएरा लियोन (PowerIndex 3.0859) वर्षों तक आंतरिक संघर्ष और आर्थिक कठिनाइयों से जूझता रहा। सेना पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है और हथियारों व तकनीक की कमी इसे कमजोर बनाती है।
9. सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक: अस्थिर शासन और विद्रोह
सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक की सेना राजनीतिक अस्थिरता, गृहयुद्ध और विद्रोहों के कारण कमजोर है। इसकी संरचना और उपकरण सीमित हैं, जिससे देश की रक्षा क्षमता पर गंभीर असर पड़ता है।
10. आइसलैंड: कोई स्थायी सेना नहीं
10वें स्थान पर आइसलैंड है। इस देश की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां कोई स्थायी सेना नहीं है। रक्षा का कार्य नाटो और अन्य सहयोगियों पर निर्भर है।
कमजोर सेनाओं के कारण और वैश्विक सुरक्षा पर प्रभाव
इन देशों की सेना कमजोर होने के कई कारण हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं सीमित वित्तीय संसाधन, राजनीतिक अस्थिरता, आंतरिक संघर्ष, तकनीकी पिछड़ापन और प्राकृतिक बाधाएं। कमजोर सेना न केवल देश की सुरक्षा पर प्रभाव डालती है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकती है।
आधुनिक दुनिया में सैन्य ताकत सिर्फ आक्रमण से बचाव के लिए ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में प्रभाव बढ़ाने के लिए भी जरूरी है। ऐसे कमजोर देशों को अक्सर सुरक्षा समझौतों या बाहरी देशों पर निर्भर रहना पड़ता है।
निष्कर्ष
दुनिया की सबसे कमजोर सेनाओं की यह सूची यह दर्शाती है कि केवल संख्या या हथियारों से ही सेना की ताकत का आकलन नहीं किया जा सकता। तकनीकी क्षमता, प्रशिक्षण, रसद और राजनीतिक स्थिरता भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। भूटान, मोल्दोवा, सूरीनाम, सोमालिया और आइसलैंड जैसी कमजोर सेनाओं वाले देश वैश्विक सुरक्षा के परिदृश्य में विशेष ध्यान आकर्षित करते हैं।
