हरदा जिले में लघु उद्योग भारती मध्यप्रदेश की जिला इकाई के लिए आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला ने जिले के उद्योग जगत में नई ऊर्जा का संचार कर दिया। रुद्राक्ष होटल में आयोजित इस कार्यशाला में सैकड़ों उद्यमी, व्यापारिक संगठन के प्रतिनिधि, और लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था — नई जिला इकाई का गठन और अभय जैन का सर्वसम्मति से जिला अध्यक्ष चुना जाना।

यह सिर्फ एक संगठनात्मक घोषणा नहीं थी, बल्कि हरदा जिले के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए एक नई उम्मीद की किरण साबित हुई।
लघु उद्योग भारती: संगठन की भूमिका और उद्देश्य
लघु उद्योग भारती भारत का एक राष्ट्रीय संगठन है जो देशभर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के हितों की रक्षा और विकास के लिए कार्यरत है। इसका मुख्य उद्देश्य है —
- उद्यमियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना,
- स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना,
- तकनीकी नवाचार और डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी देना,
- और युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना।
हरदा की नई जिला इकाई इसी दिशा में काम करेगी, ताकि जिले के उद्योगपति ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मिशन में योगदान दे सकें।
अभय जैन का चयन: संगठन में नई सोच और अनुभव का संगम
अभय जैन का चयन सर्वसम्मति से किया गया। वे लंबे समय से स्थानीय उद्योग जगत से जुड़े हुए हैं और अपने अनुभव से कई युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित कर चुके हैं।
उनका विज़न है — “हरदा को उद्योगों का मॉडल जिला बनाना।”
उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
“हरदा में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, बस ज़रूरत है सही मार्गदर्शन और संगठन की एकजुटता की। हमारा लक्ष्य है कि हर छोटे उद्यमी को जेम पोर्टल, ई-मार्केट और डिजिटल इंडिया मिशन से जोड़ा जाए।”
वर्कशॉप में फोकस: जेम पोर्टल और ई-मार्केट का प्रशिक्षण
कार्यशाला में उद्योग विभाग के विशेषज्ञों ने Government e-Marketplace (GEM) पोर्टल के माध्यम से सरकारी सप्लाई चेन से जुड़ने की प्रक्रिया समझाई।
कई उद्यमियों ने बताया कि उन्हें पहले इन प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं थी। अब वे सरकारी संस्थानों को अपने उत्पाद सीधे बेच सकेंगे।
ई-मार्केटिंग के विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कैसे छोटे व्यापारियों को बड़े बाज़ारों तक पहुंच प्रदान कर सकते हैं।
“अगर हरदा का एक छोटा कुम्हार, बांस शिल्पकार या हस्तनिर्मित उत्पाद बेचने वाला व्यक्ति अपने उत्पाद को ऑनलाइन लाए, तो यह जिले की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है।”
संगठनात्मक संरचना: नई टीम, नई जिम्मेदारियां
नई इकाई के गठन के साथ ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों से उद्योग प्रतिनिधियों को शामिल किया गया —
- जिला अध्यक्ष: अभय जैन
- उपाध्यक्ष: रजनीश सोनी, कमल अग्रवाल
- सचिव: नीरज पाटीदार
- कोषाध्यक्ष: अनुराग मिश्रा
- मीडिया प्रभारी: शुभम शर्मा
सभी सदस्यों ने संगठन के विस्तार और नए उद्योगों को प्रोत्साहन देने का संकल्प लिया।
‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर बल
अभय जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को स्थानीय स्तर पर सशक्त करने के लिए संगठन सक्रिय रूप से काम करेगा।
“हमारे जिले में लकड़ी, कृषि, हस्तशिल्प और डेयरी आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। यदि इन्हें संगठित ढंग से विकसित किया जाए तो हरदा जिला न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि अन्य जिलों के लिए उदाहरण भी पेश करेगा,” उन्होंने कहा।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान
कार्यशाला में महिला उद्यमियों की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
महिला उद्यमियों ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाएं केवल सहायक भूमिका में नहीं, बल्कि उद्योग जगत की अगुवाई में भी आगे आएं।
इसके लिए संगठन द्वारा ‘महिला उद्योगिनी मंच’ बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया, जहां महिलाएं आपसी सहयोग से अपने छोटे उद्योग स्थापित करेंगी।
स्थानीय चुनौतियां और समाधान
हरदा जिले में उद्योगों के लिए सबसे बड़ी समस्या —
- कच्चे माल की उपलब्धता,
- परिवहन लागत,
- और तकनीकी सहायता की कमी — रही है।
लघु उद्योग भारती ने तय किया है कि जिला स्तर पर ‘उद्योग सहायता केंद्र’ बनाया जाएगा, जो प्रत्येक उद्यमी को वित्त, रजिस्ट्रेशन, जीएसटी, और मार्केटिंग में मार्गदर्शन देगा।
भविष्य की योजनाएं
संगठन ने आने वाले महीनों में कई नई गतिविधियों की घोषणा की —
- स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना
- स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम
- कृषि आधारित उत्पादों के ब्रांडिंग प्रशिक्षण
- युवा उद्योग मेला
- हरदा इंडस्ट्री डायरेक्ट्री का निर्माण
इन योजनाओं का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति जो उद्योग शुरू करना चाहता है, उसे एक ही प्लेटफ़ॉर्म से सभी जानकारी मिल सके।
अंतिम संदेश: उद्योग विकास ही जिला विकास का मार्ग
कार्यशाला के समापन पर अभय जैन ने कहा,
“जब हम हर छोटे व्यवसायी की बात सुनेंगे, उसकी मुश्किलें समझेंगे और मिलकर समाधान निकालेंगे, तभी सच्चे अर्थों में ‘आत्मनिर्भर हरदा’ बनेगा।”
सभी उद्यमियों ने एक स्वर में संगठन के साथ सहयोग और जिले को उद्योग के मानचित्र पर स्थापित करने का संकल्प लिया।
