मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। जबलपुर के यश घनघोरिया ने सबसे अधिक 3,13,730 वोट हासिल कर प्रदेश अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। भोपाल के अभिषेक परमार दूसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 2,38,780 वोट प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर सीधी के देवेन्द्र दादू और चौथे स्थान पर ग्वालियर के शिवराज यादव रहे। इस चुनाव में कुल 18 उम्मीदवार मैदान में थे।

18 अप्रैल 2025 को एमपी में युवा कांग्रेस के चुनावों की घोषणा के बाद 20 जून से 19 जुलाई तक सदस्यता अभियान ऑनलाइन मोड में चलाया गया। इस दौरान लगभग 15 लाख 37 हजार युवाओं ने सदस्यता फार्म भरे, जिनमें से करीब 14 लाख 74 हजार युवाओं ने सदस्यता शुल्क जमा किया। इन युवाओं ने प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिला अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष जैसे पदों के लिए ऑनलाइन मतदान किया।
प्रदेश महासचिव पद के लिए सबसे ज्यादा वोट धीरज सिंह परिहार को मिले। अन्य पदों के लिए भी चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कई जिलों और शहरों में अध्यक्ष पद तय कर लिए गए हैं। भोपाल शहर में अंकित दुबे, इंदौर में अमित पटेल, ग्वालियर में विजय यादव और जबलपुर में सतेंद्र कुकरेले को अध्यक्ष चुना गया है।
चुनाव परिणाम के बाद शीर्ष तीन उम्मीदवार यश घनघोरिया, अभिषेक परमार और देवेन्द्र दादू को दिल्ली में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है। इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
बीजेपी ने इस चुनाव को लेकर कांग्रेस पर वंशवाद और पारिवारिक राजनीति का आरोप लगाया है। बीजेपी के मीडिया प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस की यह परंपरा है कि युवा कांग्रेस के पद मेहनत से नहीं, बल्कि वंश और परिवार के आधार पर मिलते हैं और संगठन चुनाव सिर्फ एक औपचारिकता होती है।
यश घनघोरिया पूर्व मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया के पुत्र हैं और उन्होंने चुनाव में अपनी मजबूत राजनीतिक विरासत के बल पर अच्छी बढ़त बनाई। उनका लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को एकजुट करना और संगठन को मजबूत करना है।
इस चुनाव ने मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस में ऑनलाइन सदस्यता और मतदान प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शिता और युवा सहभागिता को बढ़ावा दिया है। युवा नेताओं ने इसे अपने भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक आलोचना का विषय बनाया है।
