मुख्य बातें
- तकनीकी गड़बड़ी के कारण 7 जून की दूसरी पाली की परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी।
- MPESB ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए नई परीक्षा तिथि 20 जून 2026 तय की है।
- पुनर्परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी।
- संयुक्त भर्ती अभियान के तहत वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक के 1679 पद भरे जाने हैं।

MPESB वन रक्षक परीक्षा में शामिल होने पहुंचे हजारों अभ्यर्थियों के लिए 7 जून का दिन निराशा और अनिश्चितता लेकर आया। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली तकनीकी कारणों से शुरू ही नहीं हो सकी। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे उम्मीदवार घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन अंततः उन्हें यह सूचना दी गई कि परीक्षा स्थगित कर दी गई है। अब मंडल ने प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देते हुए पुनर्परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है।
नई अधिसूचना के अनुसार 7 जून 2026 की दूसरी पाली में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा का आयोजन 20 जून 2026 को किया जाएगा। यह फैसला उन हजारों युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं और इस भर्ती प्रक्रिया को अपने करियर का बड़ा अवसर मानते हैं।
तकनीकी बाधा से रुकी परीक्षा
रविवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे शुरू होनी थी। अभ्यर्थी समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंच चुके थे और प्रवेश प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी। लेकिन परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले तकनीकी व्यवस्था में गंभीर समस्या सामने आई।
कई केंद्रों पर परीक्षा संचालन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सिस्टम निर्धारित तरीके से काम नहीं कर पाए। इससे परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई और निर्धारित समय पर प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं हो सका। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी बन गई कि परीक्षा शुरू कराना संभव नहीं रहा। अंततः अधिकारियों ने परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया।
अभ्यर्थियों की बढ़ी परेशानी
MPESB वन रक्षक परीक्षा में शामिल होने वाले अनेक उम्मीदवार दूरदराज जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से भोपाल तथा अन्य परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे थे। कई परीक्षार्थियों ने यात्रा, ठहरने और भोजन पर अतिरिक्त खर्च किया था।
जब परीक्षा शुरू नहीं हुई तो उम्मीदवारों में असंतोष बढ़ने लगा। कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना था कि लंबे समय से तैयारी करने के बाद परीक्षा के दिन तकनीकी खामी सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
कई छात्रों ने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पहले से मानसिक दबाव रहता है। ऐसी परिस्थितियों में परीक्षा टलने से तनाव और बढ़ जाता है क्योंकि उन्हें दोबारा उसी तैयारी और मनोस्थिति के साथ परीक्षा में बैठना होगा।
20 जून को होगा पुनर्परीक्षा आयोजन
तकनीकी समस्या के बाद MPESB ने आधिकारिक सूचना जारी कर नई परीक्षा तिथि घोषित की। मंडल के अनुसार केवल वही अभ्यर्थी पुनर्परीक्षा में शामिल होंगे जो 7 जून की दूसरी पाली के लिए पात्र थे।
नई समय-सारिणी के अनुसार परीक्षा 20 जून को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा ताकि प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
इस घोषणा के बाद उम्मीदवारों के बीच कुछ हद तक राहत की भावना देखी गई क्योंकि परीक्षा को अनिश्चितकाल के लिए नहीं टाला गया है।
नए प्रवेश पत्र होंगे जारी
MPESB वन रक्षक परीक्षा की पुनर्निर्धारित तिथि के साथ नए प्रवेश पत्र भी जारी किए जाएंगे। मंडल ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को पुराने प्रवेश पत्र के बजाय नया प्रवेश पत्र डाउनलोड करना होगा।
परीक्षा से कुछ दिन पहले आधिकारिक वेबसाइट पर प्रवेश पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट पर नजर बनाए रखें ताकि किसी महत्वपूर्ण सूचना से वंचित न रहें।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुनर्परीक्षा से पहले तकनीकी ढांचे की दोबारा समीक्षा करना भी जरूरी होगा ताकि ऐसी समस्या दोबारा सामने न आए।
भर्ती अभियान का बड़ा महत्व
यह भर्ती प्रक्रिया केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि हजारों युवाओं के रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए यह संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है।
वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक जैसे पद न केवल रोजगार उपलब्ध कराते हैं बल्कि राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में व्यापक उत्साह देखा गया।
कितने पदों पर होगी भर्ती
इस संयुक्त चयन प्रक्रिया के तहत कुल 1679 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इनमें वन विभाग और जेल विभाग दोनों के पद शामिल हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार वन रक्षक के 1111 पदों पर भर्ती की जानी है। वहीं जेल प्रहरी के 757 पद भी इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इसके अलावा अन्य संबंधित पदों पर भी नियुक्तियां प्रस्तावित हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा माना जा रहा है क्योंकि पदों की तुलना में आवेदकों की संख्या कहीं अधिक है।
4 जून से शुरू हुई परीक्षा
MPESB वन रक्षक परीक्षा का आयोजन 4 जून से शुरू हुआ था। परीक्षा कई दिनों तक अलग-अलग पालियों में आयोजित की जा रही है ताकि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को व्यवस्थित रूप से शामिल किया जा सके।
भर्ती प्रक्रिया 19 जून तक निर्धारित थी। इसी दौरान 7 जून की दूसरी पाली तकनीकी समस्या का शिकार हुई। अब पुनर्परीक्षा 20 जून को कराए जाने से पूरी चयन प्रक्रिया का कार्यक्रम थोड़ा आगे बढ़ गया है।
हालांकि मंडल ने संकेत दिया है कि इससे भर्ती प्रक्रिया के अंतिम परिणामों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा और चयन कार्य नियत प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया जाएगा।
डिजिटल परीक्षा प्रणाली की चुनौतियां
पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं का संचालन तेजी से डिजिटल माध्यमों के जरिए किया जाने लगा है। इससे पारदर्शिता और गति बढ़ी है, लेकिन तकनीकी जोखिम भी सामने आए हैं।
सर्वर क्षमता, नेटवर्क स्थिरता, डेटा सुरक्षा और बैकअप व्यवस्था जैसी चुनौतियां लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। यदि किसी एक स्तर पर भी समस्या आती है तो पूरी परीक्षा प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी अवसंरचना को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि लाखों उम्मीदवारों की मेहनत पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए
पुनर्परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है। परीक्षा स्थगित होने से उन्हें अतिरिक्त तैयारी का अवसर मिला है।
उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट जानकारी से बचना आवश्यक है। साथ ही नए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने और परीक्षा केंद्र से संबंधित निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ना भी जरूरी होगा।
भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना जरूरी
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता उम्मीदवारों के विश्वास की आधारशिला होती है। जब किसी परीक्षा में तकनीकी बाधा आती है तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं, लेकिन समय रहते पुनर्परीक्षा की घोषणा से स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया है।
अब सभी की निगाहें 20 जून पर टिकी हैं। यदि परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित होती है तो उम्मीदवारों का भरोसा मजबूत होगा और भर्ती प्रक्रिया भी बिना किसी अतिरिक्त विवाद के आगे बढ़ सकेगी।
फिलहाल MPESB वन रक्षक परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों को नए प्रवेश पत्र का इंतजार है और वे आगामी परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। यह परीक्षा हजारों युवाओं के लिए सरकारी सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
FAQ
MPESB वन रक्षक परीक्षा की पुनर्परीक्षा कब आयोजित होगी?
7 जून 2026 की दूसरी पाली में प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा 20 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी।
क्या पुराने प्रवेश पत्र से परीक्षा दी जा सकेगी?
नहीं। MPESB वन रक्षक परीक्षा की पुनर्परीक्षा के लिए नए प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट से नया प्रवेश पत्र डाउनलोड करना होगा।
तकनीकी समस्या का असर किन अभ्यर्थियों पर पड़ा?
केवल 7 जून की दूसरी पाली में शामिल होने वाले उम्मीदवार प्रभावित हुए थे। अन्य पालियों की परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की गई।
इस भर्ती प्रक्रिया में कुल कितने पद शामिल हैं?
संयुक्त भर्ती अभियान के तहत कुल 1679 पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं, जिनमें वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक के पद शामिल हैं।
क्या पुनर्परीक्षा के कारण भर्ती परिणाम में देरी होगी?
फिलहाल मंडल ने ऐसी कोई सूचना जारी नहीं की है। उम्मीद है कि पुनर्परीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर आगे बढ़ाई जाएगी।
अभ्यर्थियों को आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
MPESB वन रक्षक परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। उम्मीदवारों को वहीं से सूचना प्राप्त करनी चाहिए।
क्या परीक्षा केंद्र बदल सकते हैं?
यदि मंडल आवश्यक समझे तो नए प्रवेश पत्र में परीक्षा केंद्र से संबंधित अद्यतन जानकारी दी जा सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को नया प्रवेश पत्र ध्यान से पढ़ना चाहिए।







