भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही वनडे श्रृंखला के तीसरे मुकाबले से पहले टीम चयन और बल्लेबाजी क्रम एक चर्चा का विषय बन गया है। इसी संदर्भ में भारत के दिग्गज स्पिनर और अनुभवी क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने राष्ट्रीय चयनकर्ता एवं टीम मैनेजमेंट से मुखर होकर सवाल किए हैं।

अश्विन ने सीधे-सीधे टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर को सलाह दी कि ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को उनकी टीम-भूमिका “स्पष्ट रूप से लिखित और मौखिक रूप में” बता दी जानी चाहिए, ताकि खिलाड़ी भ्रम की स्थिति में न रहे।
क्यों भड़के अश्विन?
भारत की ओर से खेल रहे वाशिंगटन सुंदर इस वनडे सीरीज में अब तक प्रदर्शन के लिहाज से प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं।
पहले दो मैचों में:
- पहले मैच में 13 रन
- दूसरे मैच में सिर्फ 1 रन
- गेंदबाजी में कुल मिलाकर 7 ओवर
- एक भी विकेट नहीं
इसके बावजूद टीम में उनकी बल्लेबाजी पोजीशन तय नहीं दिखी—पहले वनडे में 5वें नंबर पर भेजा गया, और दूसरे मैच में अचानक 6वें क्रम पर। इससे पहले टेस्ट सीरीज में उन्हें नंबर-3 पर भेजा गया, लेकिन अगले ही मैच में लोअर-ऑर्डर में।
अश्विन का कहना है कि यह प्रक्रिया खिलाड़ी के आत्मविश्वास और पहचान को बुरी तरह प्रभावित करती है।
अश्विन की टिप्पणी—”पहचान खो देगा खिलाड़ी”
अपने YouTube चैनल पर अश्विन ने कहा—
“जब आप किसी खिलाड़ी को ऑलराउंडर की तरह खिलाते हैं, तो उसे प्राथमिकता से गेंदबाज मानना चाहिए जो बल्लेबाजी भी कर सकता है। उसे पूरे ओवर डालने चाहिए। तभी उसका मनोबल और सोच स्पष्ट रहेगी।”
उन्होंने आगे कहा—
“सुंदर को एक गेम में तीन-चार ओवर, दूसरे मैच में कुछ बोलिंग नहीं, और बल्लेबाजी में कभी 3 पर, कभी 6 पर भेजा गया। इससे खिलाड़ी यह नहीं समझ पाता कि टीम उससे चाहती क्या है। इससे उसकी पहचान खत्म हो सकती है।”
अश्विन ने गंभीर और टीम प्रबंधन से आग्रह किया कि सुंदर का किरदार स्पष्ट होना चाहिए—
- फिनिशर है?
- पावर-हिटर?
- मुख्य गेंदबाज?
- पार्ट-टाइम बैटर?
इन स्थितियों में अस्थिरता खिलाड़ी और टीम दोनों को नुकसान पहुंचाती है।
टीम में फिनिशर की कमी—अश्विन ने उठाया सवाल
अश्विन के अनुसार, टीम इंडिया के पास इस वक्त वह खिलाड़ी नहीं है जो अंत तक मैच को कैरी कर सके।
दूसरे वनडे में भारत 40 ओवर में 284 रन पर था, लेकिन अंतिम 10 ओवरों में केवल 74 रन बने।
उन्होंने कहा—
“हार्दिक पांड्या जैसा पावर-हिटर उपलब्ध नहीं है, और उनके विकल्प जैसे नितीश कुमार रेड्डी बेंच पर बैठे हैं। यह स्थिति दिक्कत पैदा करती है।”
अश्विन की राय में फिनिशर की कमी टीम को 30–50 रन कम दे रही है।
वाशिंगटन सुंदर क्यों महत्वपूर्ण?
- नई गेंद से स्विंग कराते हैं
- मिड-ओवर कंट्रोल देते हैं
- अच्छे रोटेशन स्ट्राइक-प्लेयिंग बल्लेबाज
- स्पिन-अनुकूल पिचों पर मैच टर्न कर सकते हैं
लेकिन अश्विन का तर्क यह है कि—
“इन सबका फायदा तभी है जब भूमिका तय हो।”
सुंदर को ‘यूज़र-फ्रेंडली विकल्प’ नहीं, ‘मुख्य प्लानिंग प्लेयर’ बनाना होगा।
अंतिम ODI में नजरें उन पर
भारत तीसरे मैच में बड़ी जीत के इरादे से उतर रहा है और ऐसे में सुंदर को बैटिंग और बॉलिंग दोनों में स्पष्ट जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है।
अगर उन्हें एक निर्धारित भूमिका मिलती है तो प्रदर्शन बदल सकता है।
