इंदौर शहर में स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनूठा आयोजन किया जा रहा है। ‘द ग्रैंड वॉकाथॉन 2025’ रविवार, 14 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य एनीमिया और अंगदान के प्रति आम जनता में जागरूकता फैलाना है। इस आयोजन में शहर के नागरिक, छात्र, स्वास्थ्य कर्मी और समाज के विभिन्न वर्ग के लोग हिस्सा लेंगे।

वॉकाथॉन का शुभारंभ सुबह 7 बजे नेहरू स्टेडियम से होगा। यह मार्ग पलासिया चौराहा से होते हुए स्टेडियम पर ही समाप्त होगा। आयोजन का स्वरूप इस प्रकार तैयार किया गया है कि इसमें शामिल होने वाले प्रतिभागियों को स्वास्थ्य और सामाजिक संदेशों के साथ-साथ व्यायाम और जागरूकता का अनुभव भी हो।
वॉकाथॉन की तैयारी और आयोजन में शहर की स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संस्थान और स्वयंसेवी संगठन सक्रिय रूप से जुड़े हैं। इस अवसर पर सांसद और महापौर ने लोगों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से सिर्फ स्वास्थ्य लाभ ही नहीं बल्कि समाज में जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश भी फैलता है।
एनीमिया, जो कि खून में हेमोग्लोबिन की कमी से होता है, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों में व्यापक रूप से देखा जा रहा है। इसके कारण थकान, कमजोरी और मानसिक एवं शारीरिक विकास पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जनता के बीच जागरूकता फैलाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वॉकाथॉन के माध्यम से लोग न केवल अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देंगे बल्कि इस गंभीर समस्या के प्रति संवेदनशील भी बनेंगे।
अंगदान के प्रति जागरूकता भी इस वॉकाथॉन का मुख्य उद्देश्य है। अंगदान एक सामाजिक और मानवीय कर्तव्य है, जो किसी की जान बचाने में मदद कर सकता है। लोगों को यह समझाना कि अंगदान केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि समाज के लिए आवश्यक है, इस कार्यक्रम की प्रमुख भूमिका है।
वॉकाथॉन में विभिन्न वर्गों के लोग हिस्सा लेंगे। छात्र, सरकारी और निजी संस्थानों के कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। आयोजक दल ने विशेष व्यवस्था की है कि प्रत्येक प्रतिभागी को स्वास्थ्य जाँच और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
इस आयोजन में स्थानीय मीडिया और सामाजिक प्लेटफॉर्म पर भी प्रचार किया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर इस वॉकाथॉन का हिस्सा बनें। आयोजकों ने कहा है कि यह आयोजन केवल एक वॉक नहीं बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
शहर की सड़कों पर लगे बैनर और पोस्टर्स इस संदेश को फैलाएंगे कि एनीमिया और अंगदान जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक होना क्यों आवश्यक है। यह कार्यक्रम लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग करने के साथ-साथ दूसरों की जान बचाने के लिए प्रेरित करेगा।
वॉकाथॉन में शामिल होने वाले लोगों को प्रतीकात्मक रूप से अंगदान और एनीमिया के संदेश से जुड़े बैंड, पोस्टर और ब्रोशर प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार प्रतिभागी न केवल खुद जागरूक होंगे बल्कि अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इस मुद्दे पर संवेदनशील बनाने का काम करेंगे।
आयोजन के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉक्टर और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे, जो प्रतिभागियों को एनीमिया और अंगदान के महत्व के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा, वॉकाथॉन के माध्यम से लोगों में व्यायाम और शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।
सांसद और महापौर ने विशेष संदेश जारी करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों में अधिक से अधिक भागीदारी से न केवल स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ेगी बल्कि समाज में जिम्मेदारी और एकजुटता का संदेश भी जाएगा। उनका मानना है कि एक स्वस्थ समाज ही देश के विकास की नींव है।
वॉकाथॉन के आयोजक इस कार्यक्रम को हर साल आयोजित करने का लक्ष्य रखते हैं ताकि शहर के लोग स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति लगातार जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का लक्ष्य 6,000 से अधिक प्रतिभागियों को इस वॉकाथॉन में शामिल करना है।
यह आयोजन केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। इसके संदेश को अन्य शहरों और सामाजिक संस्थानों तक भी पहुंचाया जाएगा। आयोजक दल ने इस बात पर जोर दिया कि एनीमिया और अंगदान जैसी गंभीर समस्याओं पर समाज का ध्यान आकर्षित करना अत्यंत आवश्यक है।
वॉकाथॉन में शामिल होने वाले लोगों को पहले से पंजीकरण करने के विकल्प उपलब्ध हैं। प्रतिभागियों के लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य की विशेष व्यवस्था की गई है। सभी प्रतिभागियों को वाटर बॉटल, कैप और पहचान पत्र प्रदान किए जाएंगे।
आयोजन का यह स्वरूप दर्शाता है कि स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी को साथ-साथ बढ़ाया जा सकता है। वॉकाथॉन केवल व्यायाम और दौड़ नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए जिम्मेदारी और मानवता की दिशा में एक कदम है।
वॉकाथॉन के माध्यम से शहर के लोग समझेंगे कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। यह आयोजन इस संदेश को फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
