दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति इलॉन मस्क को उनके करियर की सबसे बड़ी कानूनी लड़ाइयों में से एक में बड़ी जीत मिली है। अमेरिका के डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट ने उस निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है, जिसने मस्क के 2018 के बहुचर्चित पेमेंट पैकेज को रद्द कर दिया था। इस फैसले के साथ ही न केवल मस्क को राहत मिली है, बल्कि वैश्विक कॉरपोरेट जगत में सीईओ के वेतन, अधिकार और नियंत्रण को लेकर एक नई बहस भी शुरू हो गई है।

इलॉन मस्क और उनकी आर्थिक हैसियत
इलॉन मस्क पहले से ही दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार हैं। उनकी कुल संपत्ति का अनुमान लगभग 61 लाख करोड़ रुपये के आसपास लगाया जाता है। स्पेस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया जैसे क्षेत्रों में उनका प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखा जाता है। टेस्ला उनके कारोबारी साम्राज्य का सबसे अहम स्तंभ है और इसी कंपनी से जुड़ा उनका पेमेंट पैकेज लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ था।
2018 का पेमेंट पैकेज: महत्वाकांक्षा और जोखिम
साल 2018 में टेस्ला के बोर्ड ने इलॉन मस्क के लिए एक असाधारण पेमेंट पैकेज को मंजूरी दी थी। यह पैकेज पारंपरिक वेतन या बोनस की तरह नहीं था, बल्कि पूरी तरह कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ था। इसके तहत मस्क को तभी भुगतान मिलना था, जब टेस्ला कुछ बेहद कठिन कारोबारी और बाजार मूल्य से जुड़े लक्ष्य हासिल करती। उस समय कई विशेषज्ञों ने इसे जोखिम भरा करार दिया था, लेकिन मस्क और टेस्ला के बोर्ड का मानना था कि यह पैकेज कंपनी के भविष्य के लिए जरूरी है।
टेस्ला की सफलता और पैकेज का बढ़ता मूल्य
2018 के बाद टेस्ला ने जिस तेजी से प्रगति की, उसने ऑटोमोबाइल उद्योग की परिभाषा ही बदल दी। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ी, कंपनी का बाजार मूल्य कई गुना हुआ और टेस्ला दुनिया की सबसे मूल्यवान वाहन कंपनियों में शामिल हो गई। शेयर कीमतों में आई इस जबरदस्त तेजी के चलते मस्क का पेमेंट पैकेज भी बढ़ता चला गया। आज उसी पैकेज की कीमत लगभग 139 अरब डॉलर, यानी करीब 12 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
निचली अदालत का फैसला और विवाद की शुरुआत
लगभग दो साल पहले डेलावेयर की एक निचली अदालत ने इस पेमेंट पैकेज को “अकल्पनीय” करार देते हुए रद्द कर दिया था। अदालत का मानना था कि टेस्ला के बोर्ड ने यह फैसला लेते समय निष्पक्षता नहीं बरती और शेयरहोल्डर्स को पूरी जानकारी नहीं दी गई। इस फैसले ने न केवल मस्क को झटका दिया, बल्कि टेस्ला के निवेशकों के बीच भी अनिश्चितता पैदा कर दी।
शेयरहोल्डर की याचिका और कानूनी लड़ाई
इस पूरे विवाद की शुरुआत एक शेयरहोल्डर रिचर्ड टॉर्नेटा की याचिका से हुई थी। उनके पास टेस्ला के केवल कुछ ही शेयर थे, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि बोर्ड का फैसला शेयरहोल्डर्स के हितों के खिलाफ है। लंबी सुनवाई और गहन बहस के बाद निचली अदालत ने पैकेज को रद्द कर दिया, जिससे मस्क की वर्षों की मेहनत और कंपनी की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए।
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गहन समीक्षा की। अपने 49 पन्नों के विस्तृत फैसले में अदालत ने कहा कि निचली अदालत द्वारा पैकेज को पूरी तरह रद्द करना अनुचित और अन्यायपूर्ण था। कोर्ट का मानना था कि छह वर्षों तक कंपनी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले सीईओ को बिना किसी मुआवजे के छोड़ देना न्यायसंगत नहीं हो सकता।
कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मस्क का पेमेंट पैकेज कंपनी के प्रदर्शन से सीधा जुड़ा था और यह किसी भी तरह से निश्चित वेतन नहीं था। अदालत ने यह भी कहा कि शेयरहोल्डर्स को पैकेज की शर्तों की जानकारी थी और टेस्ला ने वे सभी लक्ष्य हासिल किए, जिनके आधार पर यह पैकेज तय किया गया था।
मस्क की प्रतिक्रिया और आत्मविश्वास
फैसले के बाद इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह सही साबित हुए हैं। यह बयान उनके आत्मविश्वास और अपने फैसलों पर विश्वास को दर्शाता है। मस्क पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि टेस्ला पर उनका नियंत्रण मजबूत रहना कंपनी के भविष्य के लिए जरूरी है।
टेस्ला में बढ़ती हिस्सेदारी
अगर इलॉन मस्क इस पेमेंट पैकेज के तहत मिले सभी स्टॉक ऑप्शंस का इस्तेमाल करते हैं, तो टेस्ला में उनकी हिस्सेदारी मौजूदा 12.4 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 18.1 प्रतिशत हो जाएगी। यह बदलाव उन्हें कंपनी के निर्णयों में और ज्यादा प्रभावशाली बना देगा। हालांकि, इसके लिए उन्हें तय किए गए सभी प्रदर्शन लक्ष्यों को पूरा करना होगा।
निवेशकों की नजर और बाजार की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निवेशकों की नजर टेस्ला के शेयर पर टिक गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से कंपनी में स्थिरता आएगी, जबकि कुछ को डर है कि अत्यधिक नियंत्रण से कॉरपोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठ सकते हैं। बाजार में आने वाले दिनों में शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
कॉरपोरेट गवर्नेंस पर बहस
यह मामला केवल एक व्यक्ति या कंपनी तक सीमित नहीं है। इसने वैश्विक स्तर पर सीईओ के वेतन, बोर्ड की भूमिका और शेयरहोल्डर अधिकारों पर बहस को तेज कर दिया है। क्या किसी सीईओ को इतना बड़ा पेमेंट पैकेज मिलना चाहिए, या यह जोखिम और प्रदर्शन का उचित इनाम है, इस सवाल पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है।
टेस्ला का भविष्य और मस्क की भूमिका
इलॉन मस्क लंबे समय से यह कहते आए हैं कि टेस्ला केवल एक कार कंपनी नहीं, बल्कि तकनीकी और ऊर्जा क्रांति का हिस्सा है। इस फैसले के बाद उनका प्रभाव और मजबूत होगा, जिससे कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति पर उनका नियंत्रण बढ़ेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले वर्षों में टेस्ला किस दिशा में आगे बढ़ती है।
