नए साल की दस्तक के साथ ही भोपाल के नागरिकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अब विवाह पंजीयन यानी मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नगर प्रशासन एक ऐसी व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकेगा। यह सुविधा न केवल प्रक्रिया को सरल बनाएगी, बल्कि समय और पैसे दोनों की बचत भी करेगी।

शहर में रहने वाले हजारों नवविवाहित जोड़े वर्षों से जिस परेशानी का सामना करते आ रहे थे, वह अब खत्म होने वाली है। नए प्रस्ताव के अनुसार मैरिज सर्टिफिकेट का शुल्क भी काफी हद तक कम कर दिया जाएगा, जिससे यह सेवा आम लोगों की पहुंच में आ सकेगी।
अब घर बैठे ऑनलाइन होगा आवेदन, दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति
अब तक भोपाल में मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया न केवल जटिल थी, बल्कि इसमें समय भी काफी लगता था। आवेदकों को नगर निगम कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ता था, दस्तावेज जमा करने होते थे और कई बार छोटे-छोटे कारणों से आवेदन अटक जाता था। इस वजह से लोगों को बार-बार दफ्तर जाना पड़ता था।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी। नागरिक अपने घर से ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ही देखी जा सकेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी की समस्या भी काफी हद तक खत्म होगी।
शुल्क में ऐतिहासिक कटौती, 1100 से घटकर सिर्फ 130 रुपये
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत मैरिज सर्टिफिकेट के शुल्क में की जाने वाली भारी कटौती है। वर्तमान में विवाह पंजीयन के लिए नागरिकों को करीब 1100 रुपये तक शुल्क देना पड़ता है। यह राशि कई परिवारों के लिए बोझ बन जाती थी, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए।
नए प्रस्ताव के तहत यदि विवाह के एक महीने के भीतर आवेदन किया जाता है, तो शुल्क मात्र 130 रुपये रखा जाएगा। यह बदलाव प्रशासन की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें सरकारी सेवाओं को सस्ता, सरल और सुलभ बनाने पर जोर दिया जा रहा है। शुल्क में यह कटौती आम नागरिकों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
देरी पर भी सीमित शुल्क, अब नहीं लगेगा भारी जुर्माना
वर्तमान व्यवस्था में यदि विवाह के एक साल बाद मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जाता है, तो 500 रुपये अतिरिक्त लेट फीस देनी पड़ती है। कई मामलों में यह शुल्क और जटिलताओं का कारण बन जाता था। लोग जानकारी के अभाव या प्रक्रिया की कठिनाई के कारण समय पर आवेदन नहीं कर पाते थे और बाद में उन्हें भारी राशि चुकानी पड़ती थी।
नए नियमों के अनुसार यदि विवाह के एक महीने बाद आवेदन किया जाता है, तो भी अधिकतम 500 रुपये तक की पेनाल्टी ही लगेगी। इस तरह किसी भी स्थिति में कुल शुल्क 630 रुपये से अधिक नहीं होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देरी होने पर भी नागरिकों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
एमआईसी की मंजूरी के बाद होगा अंतिम फैसला
इस नई व्यवस्था को लागू करने से पहले नगर निगम की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। मंगलवार को होने वाली इस बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। एमआईसी की मंजूरी मिलते ही इसे नए साल से लागू करने की तैयारी है।
नगर प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि विवाह पंजीयन की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। जब प्रक्रिया सरल और सस्ती होगी, तो अधिक से अधिक लोग समय पर मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आगे आएंगे।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम
मैरिज सर्टिफिकेट को ऑनलाइन करने और शुल्क घटाने का फैसला प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम होंगी। डिजिटल आवेदन प्रणाली से रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में सत्यापन भी आसान होगा।
इसके साथ ही यह पहल ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक मजबूत संकेत है। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नागरिकों को सुविधा मिल सके और सरकारी तंत्र पर दबाव भी कम हो।
युवाओं और नवविवाहितों के लिए विशेष राहत
भोपाल में बड़ी संख्या में युवा नौकरी, पढ़ाई और अन्य कारणों से व्यस्त रहते हैं। ऐसे में विवाह पंजीयन के लिए समय निकालना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। नई ऑनलाइन व्यवस्था खासतौर पर ऐसे युवाओं और नवविवाहित जोड़ों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
अब वे बिना किसी एजेंट या दलाल की मदद लिए, स्वयं आवेदन कर सकेंगे। इससे न केवल खर्च बचेगा, बल्कि प्रक्रिया पर उनका सीधा नियंत्रण भी रहेगा।
