भारत की तेजी से बढ़ती फिनटेक इंडस्ट्री में Groww का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में इस ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ने युवाओं के बीच निवेश की परिभाषा ही बदल दी है। अब जब Groww का IPO (Initial Public Offering) बाजार में आया, तो निवेशकों का उत्साह देखने लायक था। तीन दिन की ओपनिंग में यह IPO 17 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो अपने आप में बड़ी सफलता है। लेकिन इस चमक के बीच एक चिंता की लकीर भी है — GMP (Grey Market Premium) का तेजी से नीचे गिरना। एक समय जो ₹30-35 तक का प्रीमियम दिखा रहा था, अब ₹10 के नीचे पहुंच गया है। यह संकेत देता है कि लिस्टिंग के समय निवेशकों को अपेक्षित लाभ शायद न मिल पाए।

IPO की मूल जानकारी
Groww का IPO 4 नवंबर 2025 को खुला और 6 नवंबर को बंद हुआ। कंपनी ने प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹320 से ₹340 तय किया था। इस IPO के माध्यम से Groww ने करीब ₹2,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा। कंपनी की योजना है कि इस पूंजी का उपयोग अपने प्रोडक्ट विस्तार, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश के लिए किया जाए।
निवेशकों की जबरदस्त रुचि
NII (Non-Institutional Investors) और रिटेल कैटेगरी दोनों ने जोरदार भागीदारी दिखाई। रिटेल सेगमेंट लगभग 22 गुना और NII सेगमेंट 19 गुना भरा गया। QIB (Qualified Institutional Buyers) कैटेगरी में भी 15 गुना तक सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय निवेशक Groww जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसा करते हैं और आने वाले समय में फिनटेक सेक्टर के तेजी से बढ़ने की उम्मीद रखते हैं।
लेकिन GMP ने तोड़ी उम्मीदें
हालांकि प्राथमिक बाजार में जो उत्साह देखा गया, वह ग्रे मार्केट में नजर नहीं आया। 8 नवंबर तक Groww का अनऑफिशियल GMP ₹9-₹10 तक गिर चुका था। विश्लेषकों का कहना है कि “यह गिरावट निवेशकों के लिए चेतावनी का संकेत है। IPO के लिस्टिंग प्रीमियम पर असर पड़ सकता है, जिससे शुरुआती निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक रिटर्न न मिले।”
कंपनी की बैकग्राउंड और ग्रोथ
Groww की शुरुआत 2016 में चार IIT ग्रेजुएट्स — ललित केशरे, हर्ष जैन, नीरज सिंह, और इशान बंसल — ने की थी। उनका उद्देश्य था निवेश को सरल, पारदर्शी और सबके लिए सुलभ बनाना। आज Groww के पास 3.8 करोड़ से अधिक एक्टिव यूजर्स हैं, और यह भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाला इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है। कंपनी का राजस्व FY2023-24 में ₹1,100 करोड़ पार कर गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 70% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी अब भी संघर्ष कर रही है।
IPO में मिले फंड का उपयोग
Groww ने बताया कि इस IPO से जुटाई गई राशि का मुख्य उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में किया जाएगा:
- प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश।
- नए प्रोडक्ट्स जैसे इंश्योरेंस और क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट सेवाओं का विकास।
- भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना।
- विदेशी बाजारों, खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया में विस्तार की योजना।
क्या निवेशकों को चिंता करनी चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि “GMP केवल एक संकेतक है, यह जरूरी नहीं कि IPO की लिस्टिंग परफॉर्मेंस को पूरी तरह निर्धारित करे।” लेकिन अगर ग्रे मार्केट में उत्साह कम है, तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि निवेशक अल्पकालिक लाभ की संभावना कम देख रहे हैं| Groww जैसी मजबूत ब्रांड वैल्यू वाली कंपनी के लिए यह केवल एक अस्थायी स्थिति हो सकती है। दीर्घकाल में कंपनी की मजबूत यूजर बेस, डिजिटल एडवांटेज और इनोवेटिव सर्विसेज इसे स्थिर बनाती हैं।
फिनटेक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा
Groww को Zerodha, Upstox, Angel One और Paytm Money जैसे प्रतिस्पर्धियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। Zerodha अभी भी भारतीय रिटेल इन्वेस्टर्स के बीच सबसे बड़ा नाम है, लेकिन Groww की युवा पीढ़ी में लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि Groww की यूजर-फ्रेंडली ऐप, मिनिमल डिज़ाइन और कम ब्रोकरेज फीस ने इसे मिलेनियल्स और जेन Z के बीच निवेश का पर्याय बना दिया है।
निष्कर्ष
Groww IPO के प्रति बाजार में उत्साह तो है, लेकिन ग्रे मार्केट में इसकी चमक फीकी पड़ी है। लिस्टिंग के दिन अगर प्राइस स्थिर रहा, तो लंबे समय के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सावधानी से कदम रखना चाहिए क्योंकि GMP का गिरना संभावित वोलैटिलिटी का संकेत देता है। Groww की असली ताकत उसके विजन और टेक्नोलॉजी में है — और यही इसे भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री में एक लंबी रेस का घोड़ा बनाता है।
