भारतीय मनोरंजन जगत में जब भी खुलकर हंसने, ठहाके लगाने और माहौल को हल्का बनाने की बात होती है, तो अर्चना पूरन सिंह का नाम अपने आप सामने आ जाता है। वर्षों से उनकी जोरदार हंसी दर्शकों के लिए खुशी और सकारात्मकता की प्रतीक रही है। लेकिन इस हंसी के पीछे एक ऐसा दर्द छिपा है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे। हाल ही में सामने आए एक भावुक पल ने इस सच्चाई को उजागर कर दिया कि पर्दे पर हमेशा मुस्कुराने वाली अर्चना पूरन सिंह निजी जीवन में एक लाइलाज और असहनीय बीमारी से जूझ रही हैं।

व्लॉग में भावनाओं का टूटना और मां-बेटे का रिश्ता
अर्चना पूरन सिंह अपने यूट्यूब व्लॉग्स के जरिए दर्शकों से सीधे जुड़ी रहती हैं। इन्हीं व्लॉग्स में से एक में वह उस समय भावुक हो गईं, जब उन्होंने अपने बेटे आयुष्मान द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक इमोशनल वीडियो देखा। यह वीडियो केवल एक बेटे का अपनी मां के लिए प्यार नहीं था, बल्कि उसमें उस दर्द और संघर्ष की कहानी थी, जिसे अर्चना हर दिन चुपचाप सह रही हैं।
वीडियो देखते समय अर्चना अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख पाईं। कैमरे के सामने बैठी वही महिला, जो लोगों को हंसाने के लिए जानी जाती है, उस पल खुद टूटती हुई नजर आईं। यह दृश्य दर्शकों के लिए भी बेहद भावनात्मक था।
बेटे आयुष्मान का दर्द और गर्व
आयुष्मान ने वीडियो में अपनी मां की बीमारी के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अर्चना पूरन सिंह कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम नाम की बीमारी से पीड़ित हैं, जिसे मेडिकल भाषा में CRPS कहा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह ऐसी स्थिति है, जिसके साथ उनकी मां को पूरी जिंदगी जीना होगा।
बेटे की आवाज में दर्द साफ झलक रहा था, लेकिन साथ ही उसमें अपनी मां पर गर्व की भावना भी थी। आयुष्मान ने कहा कि वह अपनी मां की हिम्मत और जज्बे से बेहद प्रभावित हैं, क्योंकि असहनीय दर्द के बावजूद उन्होंने कभी अपने काम से पीछे हटने का फैसला नहीं किया।
बीमारी की शुरुआत और फ्रैक्चर से जुड़ा सच
आयुष्मान ने बताया कि पिछले साल अर्चना पूरन सिंह का हाथ फ्रैक्चर हो गया था। शुरुआत में यह एक सामान्य चोट लग रही थी, लेकिन समय के साथ दर्द बढ़ता गया और हालात सामान्य नहीं हुए। मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें CRPS हो गया है।
यह बीमारी अक्सर किसी चोट, फ्रैक्चर या सर्जरी के बाद विकसित होती है और शरीर के किसी एक हिस्से को लंबे समय तक प्रभावित करती है। अर्चना के मामले में यह दर्द उनके हाथ से जुड़ा रहा, लेकिन इसका असर पूरे शरीर और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है।
कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम क्या है
कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी मानी जाती है। इसमें व्यक्ति को लगातार तेज और जलन जैसा दर्द महसूस होता है, जो सामान्य चोट या फ्रैक्चर से कहीं ज्यादा होता है। यह दर्द महीनों या सालों तक बना रह सकता है और कई बार जीवनभर साथ रहता है।
इस बीमारी की सबसे कठिन बात यह है कि इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है। इलाज केवल दर्द को नियंत्रित करने और जीवन को थोड़ा आसान बनाने तक सीमित रहता है। यही कारण है कि इसे लाइलाज बीमारी भी कहा जाता है।
दर्द के साथ भी काम से समझौता नहीं
आयुष्मान ने वीडियो में यह भी बताया कि इतनी गंभीर बीमारी और लगातार दर्द के बावजूद अर्चना पूरन सिंह ने काम से कभी दूरी नहीं बनाई। उन्होंने 2 से 3 फिल्मों की शूटिंग की, एक वेब सीरीज में काम किया और लगभग एक महीने तक लगातार 30 दिनों तक शूटिंग की।
इतना ही नहीं, उन्होंने कभी सेट पर दर्द की शिकायत नहीं की और हमेशा प्रोफेशनल रवैया बनाए रखा। यह बात सुनकर अर्चना और ज्यादा भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर बेहद गर्व है।
60 की उम्र के बाद भी नई शुरुआत
अर्चना पूरन सिंह की हिम्मत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 60 से ज्यादा उम्र होने के बावजूद उन्होंने यूट्यूब चैनल शुरू किया। नई तकनीक सीखना, कैमरे के सामने आना और रोजमर्रा की जिंदगी को लोगों से साझा करना उनके आत्मविश्वास और जिजीविषा को दर्शाता है।
दर्द के साथ जीते हुए भी नई चीजें सीखने और खुद को व्यस्त रखने की उनकी यह कोशिश कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।
हंसी और दर्द का विरोधाभास
अर्चना पूरन सिंह की पहचान उनकी जोरदार हंसी से जुड़ी है। लेकिन अब यह हंसी एक अलग नजरिए से देखी जा रही है। दर्शक यह समझने लगे हैं कि जो इंसान दूसरों को हंसाता है, उसके जीवन में भी गहरे दर्द हो सकते हैं।
उनकी कहानी यह सिखाती है कि बाहरी मुस्कान हमेशा अंदर की स्थिति को नहीं दर्शाती। कई बार सबसे ज्यादा मुस्कुराने वाले लोग ही सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहे होते हैं।
परिवार का सहारा और भावनात्मक मजबूती
इस मुश्किल दौर में अर्चना पूरन सिंह के लिए उनका परिवार सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है। बेटे आयुष्मान का वीडियो और उसका भावनात्मक समर्थन इस बात का सबूत है कि परिवार का साथ किसी भी बीमारी से लड़ने में कितनी बड़ी भूमिका निभाता है।
अर्चना ने भी अपने व्लॉग में कहा कि उनके बेटों का प्यार और समझ ही उन्हें हर दिन आगे बढ़ने की ताकत देता है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया और सहानुभूति
जैसे ही यह वीडियो और अर्चना की बीमारी की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। हजारों लोगों ने उनके साहस की तारीफ की और उनके जल्द स्वस्थ रहने की कामना की।
कई लोगों ने लिखा कि अब जब भी वे अर्चना को हंसते हुए देखेंगे, तो उस हंसी के पीछे छिपे संघर्ष को जरूर याद करेंगे।
प्रेरणा बनती एक सच्ची कहानी
अर्चना पूरन सिंह की यह कहानी केवल एक सेलिब्रिटी की बीमारी की खबर नहीं है, बल्कि यह उन लाखों लोगों की आवाज है, जो किसी न किसी लाइलाज बीमारी के साथ जी रहे हैं। उनका जीवन यह सिखाता है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, हिम्मत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
harigeet pravaah के अनुसार, ऐसी कहानियां समाज को संवेदनशील बनाती हैं और हमें दूसरों के दर्द को समझने की सीख देती हैं।
