जनवरी 2026 का आखिरी सप्ताह शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद खास होने जा रहा है। इस दौरान देश की 44 से अधिक कंपनियां अपने तिमाही नतीजों के साथ-साथ अंतरिम डिविडेंड पर विचार करने जा रही हैं। इनमें बड़ी और दिग्गज कंपनियों से लेकर मिडकैप और स्मॉलकैप तक के शेयर शामिल हैं। शेयरधारकों के लिए यह समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डिविडेंड न केवल नियमित आय का जरिया बनता है, बल्कि कंपनी की वित्तीय मजबूती और प्रबंधन के भरोसे को भी दर्शाता है।

इस सप्ताह 400 से ज्यादा कंपनियों की बोर्ड बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में कंपनियां वित्तीय परिणाम घोषित करेंगी। इन्हीं बैठकों के दौरान कई कंपनियां अपने शेयरधारकों को नकद इनाम देने यानी अंतरिम डिविडेंड की घोषणा कर सकती हैं।
सेंसेक्स की दिग्गज कंपनियां भी कतार में
डिविडेंड देने वाली कंपनियों की सूची में सेंसेक्स की तीन बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। इनमें सबसे पहले नाम आता है एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी आईटीसी का। आईटीसी की बोर्ड बैठक 29 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली है, जिसमें तिमाही नतीजों के साथ अंतरिम डिविडेंड पर फैसला लिया जा सकता है। आईटीसी लंबे समय से अपने स्थिर डिविडेंड रिकॉर्ड के लिए जानी जाती है और निवेशकों को इससे एक बार फिर अच्छे रिटर्न की उम्मीद है।
इसके अलावा पावर सेक्टर की सरकारी कंपनी एनटीपीसी भी 30 जनवरी 2026 को अपनी बोर्ड बैठक करने जा रही है। इस बैठक में वित्तीय नतीजों के साथ-साथ डिविडेंड पर चर्चा संभव है। एनटीपीसी का नाम उन कंपनियों में शामिल है, जो लगातार अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देती रही हैं।
फार्मा सेक्टर की बड़ी कंपनी सन फार्मास्युटिकल भी 31 जनवरी 2026 को बोर्ड मीटिंग में तिमाही नतीजों के साथ अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगी। हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर प्रदर्शन करने वाली इस कंपनी से निवेशकों को अच्छी उम्मीदें हैं।
बीएसई 100 की प्रमुख कंपनी का फैसला
बीएसई 100 इंडेक्स में शामिल एफएमसीजी सेक्टर की जानी-मानी कंपनी नेस्ले इंडिया भी डिविडेंड पर विचार करने जा रही है। नेस्ले इंडिया की बोर्ड बैठक 30 जनवरी 2026 को तय है, जिसमें तिमाही नतीजों के साथ अंतरिम डिविडेंड पर निर्णय लिया जा सकता है। नेस्ले का नाम उन कंपनियों में है, जो लंबे समय से शेयरधारकों को मजबूत रिटर्न देती रही हैं।
बीएसई 200 में शामिल कंपनियों की हलचल
बीएसई 200 इंडेक्स में शामिल कई कंपनियां भी अगले हफ्ते निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा दे सकती हैं। कैपिटल गुड्स सेक्टर की कंपनी सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की बोर्ड बैठक 27 जनवरी 2026 को है। इस बैठक में तिमाही नतीजों के साथ अंतरिम डिविडेंड पर नजर रहेगी।
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की बालकृष्ण इंडस्ट्रीज 28 जनवरी 2026 को अपनी बोर्ड बैठक में वित्तीय प्रदर्शन पेश करेगी और डिविडेंड प्रस्ताव पर चर्चा कर सकती है। वहीं लॉजिस्टिक्स सेक्टर की सरकारी कंपनी कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया 29 जनवरी 2026 को बोर्ड मीटिंग में तिमाही नतीजों के अलावा सामान्य प्रस्तावों और अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगी।
एग्रोकैमिकल सेक्टर की कोरमंडल इंटरनेशनल भी 29 जनवरी को बोर्ड बैठक में अपने तिमाही नतीजों के साथ डिविडेंड पर फैसला ले सकती है। एफएमसीजी और कंज्यूमर हेल्थ से जुड़ी प्रॉक्टर एंड गैम्बल हाइजीन एंड हेल्थ केयर की बोर्ड मीटिंग 30 जनवरी 2026 को होगी, जिसमें नतीजों और डिविडेंड पर चर्चा की जाएगी।
बीएसई 500 कंपनियों में भी डिविडेंड की संभावनाएं
बीएसई 500 इंडेक्स में शामिल कंपनियों की सूची भी काफी लंबी है। फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर की मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज 27 जनवरी 2026 को बोर्ड मीटिंग में तिमाही नतीजों के साथ अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगी।
डिफेंस शिपबिल्डिंग से जुड़ी कोचीन शिपयार्ड और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स की बोर्ड बैठकें 28 जनवरी को होंगी। इन बैठकों में वित्तीय नतीजों के साथ डिविडेंड पर फैसला संभव है।
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की एलटी फूड्स, शिपिंग सेक्टर की ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी, इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कार्बोरंडम यूनिवर्सल, एफएमसीजी सेक्टर की जिलेट इंडिया, सरकारी एनबीएफसी हडको, पावर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म आईईएक्स, डिफेंस सेक्टर की भारत डायनेमिक्स और स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी भी इसी सप्ताह डिविडेंड पर विचार करने जा रही हैं।
बीएसई एसएमई और स्मॉलकैप कंपनियों में भी रौनक
डिविडेंड की यह बरसात केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है। बीएसई एसएमई आईपीओ से जुड़ी आईटी कंपनी ऑस्टियर सिस्टम्स की बोर्ड बैठक 27 जनवरी को है, जिसमें डिविडेंड पर विचार किया जाएगा।
स्मॉलकैप सेगमेंट में भी कई कंपनियां निवेशकों को खुश करने की तैयारी में हैं। इनमें आईटी सर्विसेज, एफएमसीजी, रिटेल, ब्रोकिंग, टेक्सटाइल, ई-कॉमर्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनबीएफसी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, केमिकल्स, एग्रोकैमिकल और माइनिंग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। इन सभी की बोर्ड बैठकें 27 से 30 जनवरी 2026 के बीच आयोजित होनी हैं और इनमें तिमाही नतीजों के साथ अंतरिम डिविडेंड पर निर्णय लिया जा सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह सप्ताह
डिविडेंड निवेशकों के लिए स्थिर आय का एक मजबूत जरिया होता है। जब बड़ी संख्या में कंपनियां एक ही समय में डिविडेंड पर विचार करती हैं, तो इससे बाजार में सकारात्मक माहौल बनता है। यह संकेत देता है कि कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत है और वे अपने मुनाफे का हिस्सा शेयरधारकों के साथ बांटने के लिए तैयार हैं।
हालांकि, निवेशकों को यह भी समझना चाहिए कि डिविडेंड की घोषणा के साथ-साथ कंपनी के वित्तीय नतीजों, भविष्य की रणनीति और बाजार की स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
