इंदौर शहर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो परियोजना अब अपने एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहा तक लगभग 11 किलोमीटर लंबा मेट्रो ट्रैक पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार इस हिस्से का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और अब सुरक्षा मंजूरी की औपचारिक प्रक्रिया बाकी है। जैसे ही कमीशनर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की ओर से अनुमति मिलेगी, इस खंड में यात्री सेवा शुरू की जा सकेगी।

यह प्रगति केवल एक निर्माण उपलब्धि नहीं है, बल्कि इंदौर के शहरी परिवहन ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत है। लंबे समय से शहर के लोग मेट्रो के विस्तार की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब 11 किलोमीटर के इस नए सेक्शन के तैयार होने से उम्मीद जगी है कि जल्द ही शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच तेज और सुगम यात्रा संभव होगी।
सीएमआरएस ऑडिट की अहम भूमिका
मेट्रो संचालन से पहले सुरक्षा जांच अनिवार्य होती है। इसी क्रम में सीएमआरएस की टीम इस सप्ताह इंदौर पहुंच सकती है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने उनके निरीक्षण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। टीम ट्रैक की मजबूती, थर्ड रेल से बिजली आपूर्ति प्रणाली, सिग्नलिंग, स्टेशन संरचना और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी।
सूत्रों के अनुसार जूनियर स्तर की टीम पहले निरीक्षण कर आवश्यक सुधारों की सूची दे सकती है। उन सुझावों को तुरंत लागू किया जाएगा। इसके बाद मुख्य सीएमआरएस टीम मार्च के पहले सप्ताह में आकर अंतिम ऑडिट कर सकती है। यदि सुरक्षा जांच के बाद एनओसी मिल जाती है तो सुपर कॉरिडोर से रेडिसन स्टेशन तक मेट्रो संचालन शुरू करने में कोई बाधा नहीं रहेगी।
एक साथ 11 किलोमीटर संचालन का दावा
अधिकारियों का कहना है कि एक साथ इतने लंबे 11 किलोमीटर खंड में मेट्रो सेवा शुरू करना देश में पहली बार हो सकता है। यह दावा इस परियोजना को और विशेष बना देता है। अभी तक शहर में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 तक लगभग 6 किलोमीटर में मेट्रो सेवा संचालित हो रही है। यदि नया खंड शुरू हो जाता है तो कुल संचालित लंबाई लगभग 17 किलोमीटर हो जाएगी।
स्टेशनों पर अंतिम चरण का काम
हालांकि ट्रैक तैयार है, लेकिन कुछ स्टेशनों के अंदरूनी कार्य जैसे रंगाई-पुताई और फिनिशिंग का काम अभी जारी है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार यह कार्य युद्ध स्तर पर 24 घंटे किया जा रहा है ताकि संचालन शुरू होने से पहले अधिकांश काम पूरा हो जाए। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
11 नए स्टेशनों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहा तक के इस खंड में कुल 11 स्टेशन शामिल हैं। इनमें सुपर कॉरिडोर 2, सुपर कॉरिडोर 1, भवरसाला स्क्वायर, एमआर 10 रोड, आईएसबीटी एमआर 10 फ्लाईओवर, चंद्रगुप्त स्क्वायर, हीरा नगर, बापट स्क्वायर, मेघदूत गार्डन, विजय नगर स्क्वायर और रेडिसन स्क्वायर मालवीय नगर शामिल हैं।
ये सभी स्टेशन शहर के महत्वपूर्ण आवासीय, व्यावसायिक और यातायात केंद्रों को जोड़ेंगे। विशेष रूप से आईएसबीटी और विजय नगर जैसे क्षेत्रों में मेट्रो सेवा शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
मार्च या अप्रैल तक संभावित शुरुआत
मेट्रो अधिकारियों का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक इस 11 किलोमीटर हिस्से में संचालन शुरू कर दिया जाए। हालांकि, यदि सीएमआरएस टीम के निरीक्षण में किसी कारणवश देरी होती है तो सेवा की शुरुआत अप्रैल तक खिसक सकती है। फिर भी विभाग पूरी कोशिश में जुटा है कि समय पर मंजूरी लेकर शहरवासियों को नई सुविधा प्रदान की जाए।
इंदौर के शहरी भविष्य की दिशा
इंदौर लगातार स्मार्ट सिटी और स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बना चुका है। अब मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर के शहरी विकास को नई रफ्तार देगा। बेहतर सार्वजनिक परिवहन से यातायात दबाव कम होगा, प्रदूषण घटेगा और लोगों का समय बचेगा।
सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक 11 किलोमीटर का यह नया ट्रैक केवल दूरी कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि इंदौर के आधुनिक भविष्य की आधारशिला है। जैसे ही सुरक्षा मंजूरी मिलती है, शहर के परिवहन परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
यदि सब कुछ तय समय पर पूरा हुआ तो मार्च या अप्रैल 2026 इंदौर के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है, जब 17 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क शहरवासियों की सेवा में समर्पित होगा।
