राजधानी भोपाल के सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक केरवा डैम अब एक नई पहचान पाने जा रहा है। लगभग 50 साल पुराने इस डैम के जर्जर हो चुके फुटब्रिज (स्लैब) को अब पूरी तरह से नए स्वरूप में बनाया जाएगा।
इस काम की लागत 5 करोड़ रुपये तय की गई है और जल संसाधन विभाग ने वादा किया है कि बरसात आने से पहले नया ब्रिज तैयार कर दिया जाएगा।

सबसे खास बात यह है कि हर महीने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को इस प्रोजेक्ट की रिपोर्ट दी जाएगी ताकि काम में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही न हो। विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि अगले एक सप्ताह में निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी जाएगी।
पुराना पुल – इतिहास का हिस्सा, खतरे की जड़
केरवा डैम का पुराना फुटब्रिज, जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है, अब खस्ताहाल हो चुका है।
1970 के दशक में बने इस पुल का बड़ा हिस्सा धंस चुका है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है।
लोगों का कहना है कि कई बार विभाग को चेताया गया, लेकिन अस्थायी मरम्मत के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब जबकि स्लैब का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से टूट चुका है, प्रशासन ने आखिरकार इसे पूरी तरह से पुनर्निर्माण करने का निर्णय लिया है।
5 करोड़ की परियोजना: तकनीक और मजबूती पर विशेष ध्यान
नए फुटब्रिज के निर्माण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पुल उच्च गुणवत्ता वाले स्टील और कंक्रीट संरचना से बनाया जाएगा ताकि यह आने वाले दशकों तक सुरक्षित रहे।
पुल की लंबाई और चौड़ाई पहले जैसी रहेगी, लेकिन इसका डिज़ाइन और सुरक्षा मानक पूरी तरह बदले जाएंगे। यह ब्रिज न केवल तकनीकी रूप से मजबूत होगा बल्कि पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सौंदर्यपूर्ण आकर्षण का केंद्र भी बनेगा।
इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —
“हमारा उद्देश्य केवल पुल को फिर से बनाना नहीं, बल्कि उसे भविष्य के अनुरूप तैयार करना है। बारिश से पहले इसका काम पूरा करना हमारी प्राथमिकता है।”
मंत्री तुलसी सिलावट की निगरानी में प्रोजेक्ट
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने स्वयं इस कार्य की निगरानी का जिम्मा लिया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि
- कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा,
- और हर महीने प्रगति रिपोर्ट उनके कार्यालय में जमा की जाएगी।
सिलावट ने कहा —
“केरवा डैम भोपाल की पहचान है। हम इसे पूरी सुरक्षा और सुंदरता के साथ पुनर्निर्मित करेंगे। लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
केरवा डैम का महत्व – सौंदर्य, पर्यटन और जीवनरेखा
केरवा डैम न केवल भोपालवासियों का पिकनिक स्पॉट है, बल्कि यह शहर के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत भी है। यह डैम आसपास के गांवों और क्षेत्रों के लिए सिंचाई और पेयजल आपूर्ति का अहम केंद्र है। इसके अतिरिक्त, केरवा का प्राकृतिक सौंदर्य हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है।
सुबह-शाम सैर के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। पुराने ब्रिज से लोग डैम का शानदार दृश्य देखा करते थे, लेकिन पुल के धंसने के बाद यह स्थान सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था।
एक सप्ताह में काम शुरू, मॉनसून से पहले पूरा लक्ष्य
विभागीय सूत्रों के अनुसार, 7 दिनों के भीतर ठेकेदार साइट पर मशीनरी और सामग्री लेकर पहुंच जाएगा। निर्माण कार्य को लगातार निगरानी में रखा जाएगा ताकि निर्धारित समय से पहले पुल तैयार हो सके।
सिलावट ने कहा है कि अगर कोई देरी हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग ने एक टाइम-बाउंड एक्शन प्लान तैयार किया है —
- पहले सप्ताह में साइट क्लियरिंग और पुरानी संरचना हटाई जाएगी।
- अगले दो सप्ताह में नींव और पिलर निर्माण शुरू होगा।
- चौथे सप्ताह से सुपर-स्ट्रक्चर और स्लैब कास्टिंग की जाएगी।
- जून से पहले पुल का उद्घाटन किया जाएगा।
तकनीकी रूप से उन्नत डिज़ाइन
नया फुटब्रिज पारंपरिक ढांचे से अलग होगा। इसे आरसीसी स्लैब और प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट टेक्नोलॉजी से बनाया जाएगा। इसके अलावा इसमें वॉटरप्रूफिंग लेयर, एंटी-कोरोजन स्टील, और थर्मल रेसिस्टेंट कोटिंग जैसी विशेष तकनीकें भी शामिल की जाएंगी।
इससे न केवल पुल की उम्र बढ़ेगी बल्कि बारिश और नमी का असर भी कम होगा। रात में पुल की खूबसूरती बढ़ाने के लिए सोलर लाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।
पर्यावरण और पारिस्थितिकी का ध्यान
केरवा डैम का क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए निर्माण कार्य के दौरान कोई भी पेड़ नहीं काटा जाएगा, और निर्माण मलबे को निर्धारित स्थान पर निस्तारित किया जाएगा। विभाग ने पर्यावरण विशेषज्ञों की मदद से एक “ग्रीन प्रोटेक्शन प्लान” तैयार किया है, जिसमें आसपास के इलाकों में पौधारोपण भी शामिल है।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
नए ब्रिज के बनने के बाद केरवा डैम को नया पर्यटन स्वरूप देने की योजना भी बनाई जा रही है। यहां एक वॉकिंग ट्रैक, सेल्फी पॉइंट, और वॉटर व्यू प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा।
भोपाल पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया —
“नए पुल से केरवा की सुंदरता कई गुना बढ़ जाएगी। इसे भोपाल का नया ‘मिनी मरीन ड्राइव’ बनाया जा सकता है।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से यह पुल खतरे में था और अब जाकर सरकार ने सही कदम उठाया है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा —
“केरवा सिर्फ डैम नहीं, यह भोपाल का दिल है। अगर यह सुरक्षित और सुंदर बनेगा, तो शहर को नई पहचान मिलेगी।”
सुरक्षा और जिम्मेदारी की नई मिसाल
इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता का आश्वासन दिया है। हर सप्ताह की प्रगति रिपोर्ट विभागीय वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, ताकि आम जनता को भी जानकारी मिल सके। इसके अलावा, साइट पर सेफ्टी ऑडिट टीम भी नियुक्त की गई है जो निर्माण मानकों की जांच करेगी।
पिछली लापरवाहियों से सबक
पिछले कुछ वर्षों में केरवा डैम क्षेत्र में कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हुईं, जिनका कारण ब्रिज की कमजोरी थी। अब विभाग ने यह तय किया है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी निर्माण गतिविधि के पहले थर्ड-पार्टी इंस्पेक्शन अनिवार्य किया गया है।
बारिश से पहले कार्य पूर्ण करने की चुनौती
मॉनसून का आगमन जून के पहले सप्ताह में होता है, यानी विभाग के पास सीमित समय है। इसलिए निर्माण कार्य तीन शिफ्टों में किया जाएगा ताकि काम तय समय पर पूरा हो सके। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए विभाग ने वाटरप्रूफ तंबू और टेम्परेरी कवर सिस्टम का प्रबंध किया है ताकि बारिश में भी कार्य रुक न सके।
निष्कर्ष: विकास और जिम्मेदारी का संगम
केरवा डैम का नया पुल सिर्फ एक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा, पर्यटन और गर्व का प्रतीक बनेगा। यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि जब प्रशासन, तकनीक और पारदर्शिता साथ आते हैं, तो परिवर्तन संभव है।
भोपाल के लिए यह नया अध्याय है — जहां विकास, पर्यावरण और सौंदर्य एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। अब सभी निगाहें उस दिन पर टिकी हैं जब नया ब्रिज खुलेगा और केरवा फिर से पहले की तरह मुस्कुराएगा।
