अयोध्या धाम में प्रस्तावित श्रीराम मंदिर ध्वजारोहण समारोह के मद्देनजर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की योजना बनाई है। यह समारोह 25 नवंबर 2025 को आयोजित किया जाना है और इसे सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए चार दिन के लिए भारी वाहनों की अयोध्या की ओर यात्रा पर रोक लगा दी गई है।

यातायात डायवर्जन का उद्देश्य
ध्वजारोहण समारोह के दौरान भारी वाहनों के सामान्य मार्ग पर आने से भीड़भाड़, सुरक्षा संबंधी खतरे और जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बाराबंकी जिले और आसपास के मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया है। डायवर्जन योजना के तहत भारी वाहन अयोध्या की तरफ सीधे नहीं जा सकेंगे और उन्हें मसौली, रामनगर, चौकाघाट, जरवल रोड और गोंडा के माध्यम से अपने गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। छोटे वाहनों के लिए भी अलग मार्ग तय किए गए हैं।
प्रमुख डायवर्जन रूट
कोतवाली नगर क्षेत्र में अयोध्या की ओर जाने वाले भारी वाहनों को चौपुला तिराहे से रामनगर तिराहे की ओर डायवर्ट किया गया है। इसके बाद वाहन मसौली, रामनगर, चौकाघाट होते हुए जरवल रोड बहराइच से करनैलगंज गोंडा की ओर जाएंगे। सफदरगंज से जाने वाले छोटे वाहन सफदरगंज चौराहे से बदोसराय होकर चौकाघाट होते हुए जरवल रोड और गोंडा की ओर डायवर्ट होंगे। रामसनेहीघाट क्षेत्र में अयोध्या की ओर जाने वाले भारी वाहन भिटरिया होते हुए हैदरगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से डायवर्ट किए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्थाएँ और बैरियर
प्रशासन ने तीन प्रमुख स्थानों पर बैरियर लगाए हैं। इन बैरियरों में बाम लाइटें लगी हैं जो रात में बैट्री से प्रकाशित होंगी। हाईवे पर पुलिस बल तैनात किया गया है और रात 11 बजे से डायवर्जन लागू किया गया है। भिटरिया स्थित बैरियर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध वाहनों और लोगों की सघन जांच की जा रही है।
होल्डिंग एरिया और पार्किंग
रामसनेहीघाट और दिलौना बायपास के निकट विशेष पार्किंग और होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं ताकि भारी वाहन आगे नहीं जा सकें तो उन्हें सुरक्षित रूप से रोका जा सके। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी स्थिति में यातायात बाधित न हो और आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
प्रशासन का संदेश और नागरिकों के लिए निर्देश
एसपी और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित डायवर्जन रूट का पालन करें। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अयोध्या में भीड़ की स्थिति के आधार पर छोटे वाहनों को भी रोकने का अधिकार सुरक्षित रखा गया है। यह योजना धार्मिक कार्यक्रम की गरिमा और सुरक्षा दोनों को सुनिश्चित करती है।
