मुख्य बातें
- भोपाल में कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप के अवैध निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर दो महीने के लिए रोक लगाई गई है।
- पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
- एसडीएम और तहसीलदार अपनी टीमों के साथ पटाखा दुकानों तथा गोदामों की जांच करेंगे।
- आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

दीपावली के दौरान पटाखों की खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी के साथ भोपाल जिला प्रशासन ने कार्बाइड से चलने वाले खतरनाक उपकरणों के खिलाफ भी सख्ती की तैयारी की है। शहर में कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप के अवैध निर्माण से लेकर इनके इस्तेमाल तक पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश के बाद अब पटाखा दुकानों और गोदामों की जांच की जिम्मेदारी एसडीएम तथा तहसीलदारों को सौंपी गई है।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसका दायरा केवल इन उपकरणों के उपयोग तक सीमित नहीं है। इनके अवैध निर्माण, संग्रहण, रूपांतरण, मरम्मत और बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।
पटाखा बाजारों में होगी जांच
दीपावली से पहले भोपाल के अलग-अलग इलाकों में अस्थायी पटाखा बाजार लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए दुकानदारों को संबंधित एसडीएम कार्यालय में आवेदन देना होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन कार्यालयों में आवेदन पहुंचने भी लगे हैं।
प्रस्तावित पटाखा बाजारों में भेल, आनंद नगर, अवधपुरी, कोलार, बैरागढ़, होशंगाबाद रोड, करोंद और रायसेन रोड सहित कई इलाके शामिल हैं। प्रशासन की टीमें इन बाजारों के साथ पटाखों के गोदामों का भी निरीक्षण करेंगी। एसडीएम और तहसीलदार अपनी टीमों के साथ जांच करेंगे, ताकि प्रतिबंधित उपकरणों के अवैध भंडारण या बिक्री की स्थिति सामने आ सके।
किन गतिविधियों पर लगी रोक
प्रशासनिक आदेश में कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप जैसे उपकरणों को प्रतिबंधित किया गया है। आदेश के अनुसार, विस्फोटक पदार्थ भरकर अवैध रूप से तैयार किए जाने वाले इन उपकरणों के निर्माण, संग्रहण, रूपांतरण, मरम्मत, विक्रय और उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
यह प्रतिबंध अगले दो महीने तक प्रभावी रहेगा। यानी इस अवधि में इन उपकरणों से जुड़ी बताई गई गतिविधियां आदेश के दायरे में रहेंगी। हालांकि, उपलब्ध समाचार विवरण में आदेश की सटीक जारी होने की तारीख और उसके समाप्त होने की तारीख नहीं दी गई है। इसलिए प्रतिबंध की अंतिम तारीख की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
आदेश में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई का उल्लेख है। यह प्रावधान लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा से संबंधित है। ऐसे मामलों में कार्रवाई संबंधित परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
दुकानदारों के लिए भी यह जरूरी होगा कि वे पटाखा कारोबार से जुड़े अस्थायी लाइसेंस और प्रशासनिक शर्तों का पालन करें। निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित उपकरणों की मौजूदगी या उनसे जुड़ी गतिविधियां पाए जाने पर प्रशासन नियमानुसार कदम उठा सकता है।
सुरक्षा जांच का दायरा अहम
हलालपुरा में पटाखों का थोक कारोबार होने के साथ शहर के कई इलाकों में अस्थायी बाजार लगाए जाने हैं। ऐसे में जांच का उद्देश्य केवल प्रतिबंधित कार्बाइड उपकरणों की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए; पटाखा कारोबार से जुड़े लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा शर्तों का पालन भी महत्वपूर्ण रहेगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में जांच के लिए तय समय-सारिणी, टीमों की संख्या या निरीक्षण की विस्तृत प्रक्रिया का उल्लेख नहीं है।
भोपाल में कार्बाइड गन पर प्रतिबंध का आदेश दो महीने के लिए लागू किया गया है। अब इसकी प्रभावी निगरानी इस बात पर निर्भर करेगी कि बाजारों और गोदामों में जांच किस तरह की जाती है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रशासन कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।
FAQ’s
1. भोपाल में किन कार्बाइड उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया गया है?
आदेश में कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप का उल्लेख है। इन उपकरणों के अवैध निर्माण, संग्रहण, रूपांतरण, मरम्मत, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाई गई है। प्रतिबंध की अवधि दो महीने बताई गई है।
2. कार्बाइड गन पर प्रतिबंध किस कानून के तहत लगा है?
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
3. पटाखा दुकानों की जांच कौन करेगा?
जिला प्रशासन ने जांच की जिम्मेदारी एसडीएम और तहसीलदारों को दी है। वे अपनी टीमों के साथ पटाखा बाजारों और गोदामों का निरीक्षण करेंगे। जांच की विस्तृत समय-सारिणी उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
4. भोपाल में किन इलाकों में पटाखा बाजार लगेंगे?
उपलब्ध समाचार के अनुसार, भेल, आनंद नगर, अवधपुरी, कोलार, बैरागढ़, होशंगाबाद रोड, करोंद और रायसेन रोड सहित कई क्षेत्रों में अस्थायी पटाखा बाजार प्रस्तावित हैं। अंतिम व्यवस्था संबंधित प्रशासनिक अनुमति और लाइसेंस पर निर्भर करेगी।
5. क्या पटाखा दुकान लगाने के लिए लाइसेंस जरूरी है?
समाचार में बताया गया है कि अस्थायी पटाखा दुकान लगाने के इच्छुक कारोबारियों को संबंधित एसडीएम कार्यालय में आवेदन देना होगा। दुकानदारों को लाइसेंस और प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।
6. कार्बाइड गन प्रतिबंध कितने समय तक लागू रहेगा?
समाचार के मुताबिक, प्रतिबंधात्मक आदेश दो महीने तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, आदेश की सटीक शुरुआती और अंतिम तारीख उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। इसकी पुष्टि पुलिस कमिश्नर कार्यालय के आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।






