राजधानी भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए यह सर्दी निराशाजनक साबित हो रही है। नया विंटर शेड्यूल लागू हुए दो सप्ताह से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन कई प्रमुख रूट्स पर उड़ानें अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं। एयरलाइंस कंपनियों ने स्लॉट तो पहले ही ले लिए थे, लेकिन तय समय पर फ्लाइट शुरू न करने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कोलकाता, जयपुर और लखनऊ जैसे बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ानों का इंतजार अब भी जारी है।

वहीं, गोवा और पुणे जैसी लोकप्रिय उड़ानों पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। माना जा रहा है कि अब इन रूट्स पर उड़ानें मार्च 2026 में समर सीजन के साथ ही शुरू हो पाएंगी। यात्रियों में इस देरी को लेकर निराशा के साथ-साथ असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उड़ानों के स्लॉट तो मिले, लेकिन टेकऑफ नहीं
राजा भोज एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि विंटर शेड्यूल लागू होते समय एयरलाइंस कंपनियों ने कई नए रूट्स के लिए स्लॉट मांगे थे। इनमें पुणे, बेंगलुरू, हैदराबाद और कोलकाता जैसे शहर शामिल थे। लेकिन, निर्धारित तिथि तक कंपनियों ने उड़ानें शुरू नहीं कीं। कई यात्रियों ने टिकट बुकिंग पोर्टलों पर इन उड़ानों के स्लॉट देखकर अग्रिम टिकट भी बुक कर लिए थे, जो बाद में कैंसिल करनी पड़ीं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो जैसी कंपनियों ने इस बार भोपाल से अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की थी, लेकिन तकनीकी और ऑपरेशनल कारणों का हवाला देते हुए अब तक उन्हें टाल दिया गया है। एयरलाइंस सूत्रों का कहना है कि मांग और क्रू की उपलब्धता के साथ-साथ विमानों के मेंटेनेंस शेड्यूल की वजह से उड़ानें विलंबित हो रही हैं।
यात्रियों की परेशानी: “फ्लाइट का वादा, पर आसमान में सन्नाटा”
भोपाल से यात्रा करने वाले बिजनेस यात्रियों और टूरिस्ट एजेंटों के अनुसार, यह स्थिति पिछले कुछ वर्षों से लगातार देखी जा रही है। हर सीजन नए रूट्स की घोषणा होती है, परंतु वास्तविक उड़ानें शुरू होने में महीनों का अंतर आ जाता है।
भोपाल निवासी उद्यमी संदीप शर्मा कहते हैं —
“मैं हर महीने जयपुर और लखनऊ जाता हूं। पहले सीधी फ्लाइट थी, लेकिन अब हर बार दिल्ली होकर जाना पड़ता है। समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।”
इसी तरह, टूर ऑपरेटर नीलम सक्सेना बताती हैं कि गोवा के लिए फ्लाइट स्लॉट घोषित होने पर उन्होंने कई टूर पैकेज तैयार कर लिए थे, लेकिन उड़ानें शुरू न होने से यात्रियों ने कैंसिल कर दिया।
लखनऊ रूट बना भोपाल के लिए ‘अधूरी कहानी’
लखनऊ के लिए सीधी उड़ान तीन बार शुरू होकर तीनों बार बंद हो चुकी है। इंडिगो ने कुछ महीने पहले इस रूट पर ऑपरेशन बंद किया था। जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां चल रही थीं, तब इस उड़ान के दोबारा शुरू होने की उम्मीदें जगीं — लेकिन वह भी अधूरी रह गईं। वर्तमान में भोपाल से उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर के लिए सीधा हवाई संपर्क नहीं है। प्रयागराज रूट भी छह महीने पहले बंद कर दिया गया था। यात्रियों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन और व्यापार दोनों के लिए इन उड़ानों की मांग स्थायी है, लेकिन एयरलाइंस इसे प्राथमिकता नहीं दे रही हैं।
फिलहाल केवल कुछ शहरों से जुड़ाव
वर्तमान में भोपाल से निम्न शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं:
- दिल्ली – 7 उड़ानें प्रतिदिन
- मुंबई – 4 उड़ानें
- हैदराबाद, बेंगलुरू, रायपुर, अहमदाबाद, गोवा, पुणे, दतिया और रीवा – सीमित उड़ानें
हालांकि, पुणे रूट पर केवल लेट-नाइट फ्लाइट ही संचालित है, जिससे यात्रियों को सुविधा के बजाय असुविधा हो रही है।
एयरलाइंस कंपनियों का तर्क: “मांग और मौसम दोनों जिम्मेदार”
एयरलाइंस कंपनियों ने दावा किया है कि भोपाल एक मौसमी बाजार है। सर्दी के दौरान मांग घटने के कारण कुछ रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम की जाती है। साथ ही, छोटे हवाईअड्डों पर सीमित स्लॉट और तकनीकी सुविधाओं की कमी के कारण विमानों का रोटेशन कठिन हो जाता है। हालांकि, एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यह तर्क लंबे समय तक टिकाऊ नहीं है। यदि मध्य प्रदेश की राजधानी में भी नियमित उड़ानें नहीं चल पाईं तो यह राज्य के विकास और पर्यटन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
एयरपोर्ट प्रशासन की उम्मीदें
राजा भोज एयरपोर्ट के निदेशक रामजी अवस्थी का कहना है कि वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ भोपाल की एयर कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार देखने को मिलेगा। उनके अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस भोपाल में अपना बेस स्टेशन शुरू करने जा रही है, जिससे नई उड़ानों का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा, कई अन्य एयरलाइंस ने भी समर सीजन 2026 के लिए रुचि दिखाई है। अवस्थी ने बताया कि एयरपोर्ट की सुविधाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। रनवे विस्तार, सुरक्षा जांच प्रणाली और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं पर काम चल रहा है।
विशेषज्ञों की राय: भोपाल को चाहिए स्थायी फ्लाइट पॉलिसी
एविएशन विश्लेषक अमिताभ देसाई का कहना है कि भोपाल जैसे उभरते शहर को स्थायी फ्लाइट नीति की जरूरत है। उनका कहना है:
“जब तक राज्य सरकार और एयरलाइंस के बीच दीर्घकालिक साझेदारी नहीं होगी, तब तक उड़ानें शुरू होकर बंद होती रहेंगी। भोपाल में व्यापारिक और पर्यटन संभावनाएं हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी न होने से विकास बाधित हो रहा है।”
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को एयरलाइंस को प्रोत्साहन देने के लिए रूट सब्सिडी या टैक्स छूट जैसी योजनाएं लागू करनी चाहिए।
यात्रियों की उम्मीदें अब समर सीजन पर
अब यात्रियों की नजरें मार्च 2026 के समर शेड्यूल पर टिकी हैं। उम्मीद है कि उस समय कोलकाता, जयपुर और लखनऊ जैसी लंबित उड़ानें आखिरकार शुरू होंगी। राजधानी में टूरिज्म, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि हवाई संपर्क सुचारु होने से निवेश और अवसरों में वृद्धि होगी।
