सिरमौर जिले की बेटियां कबड्डी में लगातार अपना लोहा मनवा रही हैं। प्रदेश की महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की है। महिला विश्व कप कबड्डी में हिमाचल प्रदेश की पांच खिलाड़ी खेल रही हैं, जिनमें कप्तान रितु नेगी, उप-कप्तान पुष्पा राणा और साक्षी शर्मा शामिल हैं। इनके प्रदर्शन ने पूरे प्रदेश के खेल प्रेमियों को गर्व से भर दिया है।

अब जूनियर स्तर पर भी सिरमौर की युवा खिलाड़ियों ने अपनी जगह बनाई है। नेहा, कृतिका और विजय लक्ष्मी को अंडर-16 नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया है। यह प्रतियोगिता 27 से 30 नवंबर तक हरियाणा में आयोजित की जाएगी। इसी तरह, आरुषि को अंडर-14 स्कूली राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए स्टैंडबाय में रखा गया है। यह चयन युवा खिलाड़ियों के समर्पण और मेहनत का परिणाम है।
सिरमौर का कबड्डी में लंबा परंपरा
सिरमौर जिला लंबे समय से महिला कबड्डी का केंद्र रहा है। यहाँ से कई खिलाड़ी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। शिलाई क्षेत्र के स्व. हीरा सिंह नेगी को कबड्डी का द्रोणाचार्य माना जाता है। उनके पदचिह्नों पर चलते हुए सिरमौर कबड्डी संघ के पूर्व महासचिव जीएस नेगी नई पीढ़ी तैयार कर रहे हैं। उन्होंने नेहा, कृतिका, विजय और आरुषि को बारीकियों के साथ प्रशिक्षित किया है। उनके मार्गदर्शन में सिरमौर ने अंडर-16 में लगातार जीत की हैट्रिक लगाई है।
महिला विश्व कप में हिमाचल का जलवा
बांग्लादेश में चल रहे महिला कबड्डी विश्व कप में भारतीय महिला टीम ने लगातार तीन जीत दर्ज की हैं। पहले मुकाबले में थाईलैंड को 65-20 से हराया गया। दूसरे मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 43-18 से पराजित किया गया। तीसरे मुकाबले में जर्मनी को 63-22 से मात दी गई। हिमाचल की बेटी रितु नेगी के नेतृत्व में यह शानदार प्रदर्शन टीम को अपने ग्रुप में टॉप पर ला चुका है। टीम में हिमाचल के पांच खिलाड़ी शामिल हैं: रितु नेगी, उप कप्तान पुष्पा राणा, साक्षी शर्मा, चंपा ठाकुर और भावना ठाकुर।
प्रदेश कबड्डी संघ के महासचिव कुलदीप राणा ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त की और कहा कि यह सफलता प्रदेश के खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। युवा खिलाड़ियों के चयन ने खेल प्रेमियों में उत्साह और प्रेरणा की भावना पैदा की है।
जूनियर खिलाड़ी और उनकी तैयारी
नेहा, कृतिका और विजय लक्ष्मी की अंडर-16 प्रतियोगिता में भागीदारी ने प्रदेश के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का अवसर दिया है। ये खिलाड़ी शिलाई क्षेत्र में कबड्डी की बारीकियों को सीख रही हैं। उनके प्रशिक्षण में तकनीकी और शारीरिक विकास पर जोर दिया गया है। इसी प्रकार, आरुषि ने अंडर-14 प्रतियोगिता के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है। उनकी स्टैंडबाय स्थिति इस बात का संकेत है कि भविष्य में वह भी राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रोशन करेंगी।
महिला कबड्डी का बढ़ता प्रभाव
हिमाचल प्रदेश में महिला कबड्डी ने पिछले दशक में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जिला स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सिरमौर की बेटियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। युवा खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देने से भविष्य में प्रदेश और देश के लिए और भी अवसर तैयार होंगे।
राज्य और अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिमाचल का योगदान
हिमाचल की खिलाड़ियों ने महिला विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन करके राज्य और देश का गौरव बढ़ाया है। इसके अलावा, जूनियर और अंडर-14 प्रतियोगिताओं में भी हिमाचल की बेटियों ने अपनी ताकत दिखाई है। यह न केवल खेल में सफलता का प्रतीक है, बल्कि महिलाओं को समाज में समान अवसर देने और खेल में भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
भविष्य की संभावनाएँ और उम्मीदें
सिरमौर और हिमाचल प्रदेश की युवा खिलाड़ियों की यह उपलब्धि भविष्य की उम्मीदों को बढ़ा रही है। नेहा, कृतिका, विजय लक्ष्मी और आरुषि जैसे खिलाड़ी न केवल प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएंगे। उनके प्रयास और समर्पण से आगामी वर्षों में हिमाचल प्रदेश के खेल में और अधिक चमक देखने को मिलेगी।
निष्कर्ष
सिरमौर की बेटियों का चयन भारतीय जूनियर कबड्डी टीम में प्रदेश के लिए गर्व का कारण है। यह उपलब्धि न केवल खेल प्रेमियों को प्रेरित करती है, बल्कि युवा महिलाओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करती है। सिरमौर और हिमाचल प्रदेश की यह प्रतिभा देश और प्रदेश के खेल परिदृश्य में एक नई कहानी लिख रही है।
