देश में एयर ट्रैवल की सुविधा में भारी व्यवधान का सिलसिला सातवें दिन भी जारी रहा। देशभर के प्रमुख हवाई अड्डों से इंडिगो एयरलाइंस की कई उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं। यात्रियों के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बन गई है। कई लोग अपने व्यावसायिक और व्यक्तिगत कार्यक्रमों को रद्द या स्थगित करने के लिए मजबूर हुए हैं।

इस पूरे संकट पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें शीर्ष अदालत से तत्काल सुनवाई और दखल देने का आग्रह किया गया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि लगातार रद्द हो रही उड़ानों से आम जनता और व्यापारिक यात्रियों को भारी नुकसान हो रहा है और इसे सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को देख रही है और आवश्यक कार्रवाई कर रही है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में प्राधिकृत सरकारी एजेंसियां ही हस्तक्षेप करेंगी और कोर्ट केवल तभी दखल देगा जब स्थिति अत्यंत गंभीर और तत्काल होगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद यात्रियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। कुछ लोग राहत महसूस कर रहे हैं कि मामला उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में है, जबकि अन्य को लगा कि अब तक पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं और उनकी परेशानियों में कोई कमी नहीं आई है।
अहमदाबाद हवाई अड्डे की स्थिति
अहमदाबाद हवाई अड्डे पर हालात और भी गंभीर नजर आए। सुबह आठ बजे तक इंडिगो की कुल 18 उड़ानों को रद्द कर दिया गया। इनमें नौ उड़ानों का आगमन और नौ का प्रस्थान शामिल था। यात्रियों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने एयरलाइंस की तरफ से उचित सूचना न मिलने पर नाराजगी जताई।
स्थानीय प्रशासन और एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों को सहूलियत देने की कोशिश की, लेकिन लगातार बढ़ती रद्दीकरण की संख्या ने हालात को और जटिल बना दिया। इस दौरान कई लोगों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी और कई महत्वपूर्ण मीटिंग्स और कार्यक्रम प्रभावित हुए।
सरकार की प्रतिक्रिया और हस्तक्षेप
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस और हवाई अड्डा अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठकें की हैं। अधिकारियों का कहना है कि एयरलाइन के परिचालन में आ रही दिक्कतें मुख्य रूप से तकनीकी और कर्मचारी संकट के कारण हैं।
सरकारी अधिकारी बताते हैं कि इंडिगो एयरलाइंस को पर्याप्त समर्थन दिया जा रहा है ताकि उड़ानों की सामान्य स्थिति जल्द बहाल की जा सके। इसके तहत एयरलाइंस को कर्मचारियों की कमी, फ्लाइट शेड्यूलिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ तालमेल बिठाने में मदद की जा रही है।
यात्रियों की कठिनाई
इस संकट का सबसे बड़ा प्रभाव आम यात्रियों पर पड़ा है। कई यात्री अपने निजी और व्यावसायिक कार्यक्रमों के लिए बड़ी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। कुछ यात्रियों ने कहा कि रद्द होने वाली उड़ानों के कारण उन्हें होटल बुकिंग, मीटिंग्स और अन्य योजनाओं में बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।
यात्रियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि एयरलाइन द्वारा पर्याप्त सूचना और वैकल्पिक व्यवस्थाएं नहीं की जा रही हैं। वहीं, कुछ यात्रियों ने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए था ताकि आम लोगों को परेशानी से राहत मिल सके।
एयरलाइन का पक्ष
इंडिगो एयरलाइंस ने मीडिया को बताया कि इस संकट के पीछे कई कारक हैं। इनमें मौसम संबंधी व्यवधान, कर्मचारियों की कमी और तकनीकी समस्याएं शामिल हैं। एयरलाइन ने यात्रियों से क्षमा याचना की और कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा रही है।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि वे फ्लाइट शेड्यूलिंग में सुधार और कर्मचारियों की भर्ती के लिए तेजी से कदम उठा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में उड़ानों की सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
वायु यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि इंडिगो संकट एक चेतावनी है कि भारतीय एयरलाइन उद्योग को अपनी परिचालन प्रणाली में सुधार करना होगा। वे कहते हैं कि कर्मचारियों की कमी, फ्लाइट शेड्यूलिंग और तकनीकी समस्याओं का प्रभाव सीधे यात्रियों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि एयरलाइंस को प्रबंधन, कर्मचारियों और तकनीकी सुधार के साथ-साथ यात्रियों को समय पर सूचना देने के लिए भी नई रणनीति अपनानी चाहिए।
भविष्य की योजना
सरकार ने एयरलाइन के साथ मिलकर एक रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत उड़ानों की नियमितता सुनिश्चित की जाएगी। इसमें कर्मचारियों की भर्ती, तकनीकी समर्थन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और फ्लाइट शेड्यूलिंग पर ध्यान दिया जा रहा है।
साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्रालय यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं और रिफंड नीतियों के बारे में जागरूक कर रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि यात्री अपने कार्यक्रम को सुरक्षित रूप से पूरा कर सकें और भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं से बचा जा सके।
