इंदौर में तेजाजी नगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय डोडा चूरा तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थ तस्करी को रोकने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। पुलिस ने पंजाब के रुरका खुर्द, फिल्लौर के ट्रक चालक बुट्टा सिंह को गिरफ्तार किया है, जो डोडा चूरा के अंतरराज्यीय परिवहन में शामिल था। आरोपी ट्रक में नकली डीजल टैंक, टूल बॉक्स और केबिन में विशेष चैंबर बनाकर डोडा चूरा छुपाता था और फिर इसे पंजाब भेजता था। इस गिरफ्तारी ने तस्करी की इस खतरनाक योजना का पर्दाफाश किया है और इसके पीछे जुड़े अन्य तस्करों के नामों का भी खुलासा हुआ है।

तेजाजी नगर पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई ऑपरेशन ‘क्ला’ के तहत की गई। पुलिस की टीम नियमित रूप से बायपास क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पंजाब नंबर का ट्रक PB 13 AR 6587 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक चालक के केबिन में बने गुप्त चैंबर से संदिग्ध पैकेट बरामद हुए। आरोपी ने सख्ती से पूछताछ के बाद डोडा चूरा तस्करी की पूरी योजना कबूल कर ली।
नकली डीजल टैंक और छुपी तस्करी
जांच में यह खुलासा हुआ कि ट्रक चालक ने डोडा चूरा छुपाने के लिए विशेष रूप से नकली डीजल टैंक बनाया था। इसके अलावा ट्रक में अतिरिक्त टूल बॉक्स और केबिन में गुप्त चैंबर में पैकेट रखे जाते थे, ताकि कोई शक न कर सके। पुलिस के अनुसार बुट्टा सिंह ने आगर मालवा जिले के तस्करों के नाम भी कबूल किए। उसने बताया कि सबसे पहले वह डोडा चूरा आगर मालवा के तस्करों से खरीदता था। इसके बाद ट्रक में बनाए गए विशेष चैंबर में पैकेट भरकर पंजाब भेजता था। यह योजना इतनी पेशेवर तरीके से बनाई गई थी कि आम लोगों और अधिकारियों को यह पता नहीं चलता था कि ट्रक में मादक पदार्थ हैं।
तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम ने बताया कि आरोपी के पास न केवल तकनीकी जानकारी थी, बल्कि उसने ट्रक में छुपाने के लिए अलग-अलग स्थानों का इस्तेमाल किया था। नकली डीजल टैंक, अतिरिक्त टूल बॉक्स और केबिन में चैंबर बनाने की योजना इसे और भी छिपी हुई बनाती थी। इसके चलते आरोपी को पकड़ने में पुलिस को काफी सतर्कता बरतनी पड़ी।
ऑपरेशन ‘क्ला’ और पुलिस की कार्यवाही
डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के अनुसार यह कार्रवाई ऑपरेशन ‘क्ला’ के तहत की गई। पुलिस की टीम ने बायपास पर नियमित चेकिंग के दौरान ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ड्राइवर के केबिन से संदिग्ध पैकेट बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया और आरोपी से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने न केवल डोडा चूरा तस्करी की पूरी योजना कबूल की, बल्कि आगर मालवा जिले के अन्य तस्करों के नाम भी बताए।
यह खुलासा पुलिस की जांच के लिए महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी मिल सकी। इसके अलावा यह कार्रवाई अन्य तस्करों के लिए भी चेतावनी स्वरूप साबित हुई।
अंतरराज्यीय तस्करी की गंभीरता
डोडा चूरा तस्करी केवल एक राज्य तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह एक अंतरराज्यीय नेटवर्क के तहत की जा रही थी। पंजाब और मध्य प्रदेश के तस्कर इसमें शामिल थे। इस नेटवर्क का उद्देश्य बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी करना और लाभ कमाना था। आरोपी ने स्वीकार किया कि इस नेटवर्क में कई और लोग शामिल थे, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
तस्करी रोकने की चुनौतियां
डोडा चूरा जैसी मादक पदार्थ की तस्करी को रोकना पुलिस के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। तस्कर तकनीकी उपायों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। इस मामले में नकली डीजल टैंक, गुप्त चैंबर और टूल बॉक्स का इस्तेमाल इसे और भी छिपा हुआ बनाता था। ऐसे मामलों में पुलिस को सावधानीपूर्वक जांच करनी पड़ती है और स्थानीय एवं अंतरराज्यीय सहयोग भी आवश्यक होता है।
भविष्य की कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि इस गिरफ्तारी के बाद आगे के प्रयासों में इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी शामिल होगी। इसके लिए पुलिस ने अन्य राज्यों के साथ सहयोग बढ़ाया है। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि ट्रक और परिवहन साधनों की नियमित जांच के माध्यम से तस्करी के प्रयासों को रोका जा सके।
समाज और कानून पर प्रभाव
इस गिरफ्तारी ने स्पष्ट कर दिया कि तस्करी के खिलाफ पुलिस सतर्क है और किसी को भी कानून के उल्लंघन की छूट नहीं दी जाएगी। अंतरराज्यीय तस्करी के मामलों में कानून का पालन सुनिश्चित करना और मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकना समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह कार्रवाई अन्य संभावित तस्करों के लिए भी चेतावनी स्वरूप काम करेगी।
