भारत ने गणतंत्र दिवस 2026 से पहले पाकिस्तान की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम किया है। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के राजपुरा इलाके में पाकिस्तानी ड्रोन के माध्यम से हथियार और गोला-बारूद की खेप भेजी गई थी। खुफिया सूचना मिलने के बाद BSF और जम्मू पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई की और इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाकर इस साजिश को बेनकाब कर दिया।

सर्च ऑपरेशन और हथियार बरामदगी
जॉइंट टीम ने पालूरा गांव में रात के समय सर्च ऑपरेशन किया। इस दौरान मौके से एक पैकेट बरामद हुआ, जिसमें चीन का HE ग्रेनेड, 16 राउंड 9mm कार्ट्रिज, एक ग्लॉक पिस्टल के साथ एक मैगजीन और एक स्टार पिस्टल के दो मैगजीन मिलीं। पुलिस के अनुसार यह हथियार पाकिस्तान से आए ड्रोन द्वारा गिराए गए थे और इसका उद्देश्य आगामी गणतंत्र दिवस समारोह में किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती पैदा करना था।
आतंकवादियों की साजिश और रोकथाम
खुफिया एजेंसियों ने पहले ही इस साजिश की जानकारी साझा कर दी थी। सुरक्षा बलों ने स्थानीय इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ाई और विशेष निगरानी रखी। इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन के हथियार गिराने की योजना को समय रहते नाकाम कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी देश की सुरक्षा व्यवस्था और तैयारी का प्रमाण है। आने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को बाधित करने के किसी भी प्रयास को पूरी तरह से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।
सीमा पर ड्रोन की गतिविधियां
इससे पहले 21 नवंबर को सांबा की घगवाल तहसील के पास भी पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियां देखी गई थीं। सुरक्षा बलों ने उस क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाकर हथियार और नशीले पदार्थों की संभावना की जांच की। यह स्पष्ट संकेत था कि पाकिस्तान सीमा पार से विभिन्न अवैध गतिविधियों की योजना बना रहा था।
अक्टूबर में हुई नाकाम कोशिश
सुरक्षा बलों की सतर्कता का परिणाम अक्टूबर 2025 में भी देखने को मिला। 27 अक्टूबर को BSF ने जम्मू जिले के रणबीर सिंह पुरा क्षेत्र में एक पाकिस्तानी ड्रोन से नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिश नाकाम की। उस ऑपरेशन में ड्रोन से गिराए गए दो बैग बरामद किए गए, जिनमें पांच किलोग्राम से अधिक हेरोइन थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई।
सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा पर ड्रोन गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जा रही है। खुफिया नेटवर्क और आधुनिक तकनीक के माध्यम से पाकिस्तानी ड्रोन की पहचान और ट्रैकिंग की जाती है। प्रत्येक संभावित खतरे की जानकारी मिलते ही जॉइंट ऑपरेशन शुरू कर दिया जाता है। इस प्रकार देश की सुरक्षा प्रणाली सतर्क और तत्पर है।
गणतंत्र दिवस की तैयारियां
आने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा बलों ने राज्य भर में विशेष कदम उठाए हैं। सीमाओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और खुफिया सूचनाओं के आधार पर सतत निगरानी की जा रही है। BSF और पुलिस के संयुक्त प्रयास से किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम करना संभव हुआ है।
निष्कर्ष
पालूरा गांव में हुई बरामदगी और अक्टूबर की नाकाम कोशिश यह साबित करती हैं कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी तरह की संभावित आतंकी या अवैध गतिविधि को समय रहते रोक रही हैं। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह की सुरक्षा सर्वोपरि है और खुफिया नेटवर्क की तत्परता के कारण किसी भी प्रकार की बड़ी साजिश नाकाम हो रही है। harigeet pravaah मानता है कि यह घटना देश की सुरक्षा तैयारियों और सीमाओं की निगरानी में सतर्कता का प्रतीक है।
