भारतीय वायु सेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ने दुबई एयर शो 2025 में प्रदर्शन के दौरान एक भीषण हादसे का सामना किया। शुक्रवार को आयोजित डेमो फ्लाइट के दौरान तेजस एमके-1 अचानक नियंत्रण खो बैठा और जमीन से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान उड़ा रहे विंग कमांडर नमन स्याल गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका उपचार के दौरान निधन हो गया। यह घटना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश और भारत के लिए अत्यंत दुःखद क्षण है।

स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2:10 बजे विमान प्रदर्शन कर रहा था, तभी यह अनियंत्रित हो गया। विमान के जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और काले धुएं का गुबार आसमान में फैल गया। दुबई एयर शो के दर्शक और तकनीकी विशेषज्ञ भी इस हादसे के दृश्य से स्तब्ध रह गए।
पायलट नमन स्याल का परिचय और पृष्ठभूमि
विंग कमांडर नमन स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र से थे। वे मात्र 37 वर्ष के थे और भारतीय वायु सेना में 16 वर्षों से अपने सेवाएँ दे रहे थे। नमन स्याल वर्तमान में कोयंबटूर में तैनात थे और दुबई एयर शो में भाग लेने के लिए छह दिन पहले ही रवाना हुए थे।
नमन स्याल का परिवार भी वायु सेना से जुड़ा हुआ था। उनकी पत्नी भी भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं और ग्राउंड ऑफिसर के रूप में सेवाएँ दे रही हैं। परिवार के प्रति उनकी समर्पित भावना और देशभक्ति ने उन्हें एक आदर्श पायलट बनाया। उनके पिता, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जगन्नाथ स्याल, ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उनका बेटा हमेशा देश की सेवा के लिए तत्पर रहता था।
दुर्घटना के समय के हालात
डेमो उड़ान के दौरान तेजस विमान ने अचानक अनियंत्रित होकर जमीन की ओर रुख किया। चश्मदीदों ने बताया कि विमान सीधे जमीन से टकराया और एक विशाल आग के गोले में बदल गया। वायु सेना की सुरक्षा टीम और स्थानीय आपातकालीन सेवाएँ तत्काल घटना स्थल पर पहुँचीं, लेकिन तब तक नमन स्याल गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर शोक
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। उन्होंने नमन स्याल के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने एक बहादुर, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी पायलट खो दिया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी पायलट के बलिदान पर शोक व्यक्त किया और कहा कि समस्त राष्ट्र उनके साहस और सेवाओं का ऋणी है। यह हादसा न केवल हिमाचल प्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा आघात है।
परिवार और व्यक्तिगत जीवन
नमन स्याल का पैतृक गांव नगरोटा बगवां में है। उनके माता-पिता ने अपने बेटे की बहादुरी और कर्तव्यपरायणता को हमेशा याद रखा। नमन की 10 वर्षीय बेटी भी अब अपने पिता की याद और बलिदान के गर्व में बड़ी होगी। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा, और पार्थिव देह सोमवार या मंगलवार तक घर पहुँचने की संभावना है।
पिता जगन्नाथ स्याल ने कहा कि उनका बेटा हमेशा देश की सेवा में तत्पर रहता था। दुबई में आयोजित एयर शो के अंतिम दिन उनका बलिदान हुआ, यह परिवार और पूरे देश के लिए गर्व और दुःख दोनों का मिश्रण है।
तेजस विमान और भारतीय वायु सेना में इसकी महत्ता
तेजस भारतीय वायु सेना का स्वदेशी लड़ाकू विमान है, जिसे विशेष रूप से भारतीय हवाई संचालन के लिए विकसित किया गया है। यह विमान हल्के वजन और उन्नत तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है। दुबई एयर शो में इसका प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता और वायु शक्ति का प्रतीक था।
तेजस की सुरक्षा और प्रदर्शन क्षमता पर लगातार शोध और प्रशिक्षण होता रहा है। इसके बावजूद, इस हादसे ने यह दर्शाया कि वायु संचालन हमेशा जोखिम भरा होता है और पायलटों का साहस अत्यंत आवश्यक है।
नमन स्याल का साहस और योगदान
16 वर्षों की सेवा में नमन स्याल ने अपने कौशल और समर्पण से भारतीय वायु सेना के लिए कई मिशन सफलतापूर्वक संपन्न किए। उनके बलिदान ने यह साबित किया कि देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देना भी एक वीर कार्य है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
भविष्य और प्रेरणा
नमन स्याल का बलिदान केवल एक व्यक्तिगत दुःख नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनकी बहादुरी और साहस देशभक्ति की मिसाल के रूप में सदैव याद रखी जाएगी। भारतीय वायु सेना और सुरक्षा बलों के लिए यह एक चेतावनी और प्रेरणा दोनों है कि हमेशा सतर्क और प्रशिक्षित रहना आवश्यक है।
