संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रेगिस्तानी इलाके में अचानक हुई भारी बारिश ने न केवल स्थानीय जनजीवन को प्रभावित किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय ध्यान भी खींचा है। दुबई और अबू धाबी में शुक्रवार को हुई इस अप्रत्याशित बारिश ने शहरों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण अधिकारियों को लोगों से घरों के अंदर रहने की चेतावनी जारी करनी पड़ी। यह स्थिति इसलिए भी असामान्य मानी जा रही है क्योंकि UAE का अधिकांश भूभाग रेगिस्तान है, जहां परंपरागत रूप से वर्षा अत्यंत कम होती है।

मौसम की असामान्यता और इसकी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार अरब दुनिया में मौसम के पैटर्न में तेजी से बदलाव हो रहा है। UAE में इस बार हुई बारिश की तीव्रता और मात्रा कई वर्षों में पहली बार देखी गई है। पिछले साल 2024 में भी दुबई और अबू धाबी के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हुई थी, जिससे भारी बाढ़ आई थी और शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियां सामने आई थीं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में वैश्विक जलवायु परिवर्तन का असर तेजी से महसूस किया जा रहा है। समुद्री हवाओं की असामान्य गतिविधि और अरब की गर्म रेगिस्तानी जलवायु मिलकर इस तरह के अत्यधिक वर्षा पैटर्न का कारण बन रही हैं।
दुबई और अबू धाबी में हालात
गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को पूरे दिन जारी रही। दुबई में कई सड़कों और अंडरपास में पानी भर गया, जिससे वाहनों और लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों को घर से कार्य करने का निर्देश दिया, जबकि निजी क्षेत्रों से भी ऐसा करने की अपील की गई। अबू धाबी में लोगों से दोपहर तक घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया। सार्वजनिक समुद्र तट, पार्क और पर्यटन स्थल अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।
बाढ़ और शहरों की संरचनात्मक चुनौतियां
UAE जैसे रेगिस्तानी देशों का इन्फ्रास्ट्रक्चर लंबे समय तक शुष्क जलवायु के हिसाब से डिजाइन किया गया था। ऐसे में जब कम समय में भारी बारिश होती है, तो ड्रेनेज सिस्टम पर्याप्त काम नहीं कर पाता और तुरंत बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। पिछले साल की अप्रैल में आई बाढ़ ने भी यही चुनौती सामने रखी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु-उपयुक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर की तत्काल आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रत्याशित मौसमीय घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
UAE के बाहर भी असर
इस असामान्य मौसम का असर UAE के पड़ोसी देशों पर भी दिखाई दिया। कतर की राजधानी दोहा में भारी बारिश के कारण FIFA अरब कप के प्लेऑफ मैच को रद्द करना पड़ा। स्टेडियम में बिजली गिरने के खतरे के चलते यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा UAE और दोहा के हवाई अड्डों पर कई उड़ानों को रद्द या स्थगित करना पड़ा।
विशेषज्ञों की राय और वैश्विक प्रभाव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, खाड़ी देशों में जलवायु परिवर्तन के चलते वर्षा और तूफानी गतिविधियों में असामान्य वृद्धि हो रही है। रेगिस्तानी इलाकों में अचानक तेज बारिश प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को बढ़ाती है। ऐसे हालात में शहरों को केवल अस्थायी उपायों से नहीं बल्कि दीर्घकालीन जलवायु-सक्षम योजनाओं से तैयार होना आवश्यक है।
सरकार की तैयारी और नागरिकों के लिए सुझाव
UAE की सरकार ने नागरिकों से सुरक्षा बनाए रखने के लिए घरों में रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सरकारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। विशेष रूप से सड़कों और अंडरपास क्षेत्रों में पानी भरने के कारण वाहन चालकों को सुरक्षित मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
भविष्य की चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों में भविष्य में ऐसी अप्रत्याशित मौसमीय घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। वैश्विक तापमान वृद्धि, समुद्री हवाओं की दिशा में बदलाव और रेगिस्तान में अचानक आर्द्रता की वृद्धि मिलकर अत्यधिक वर्षा का कारण बन सकती हैं। इसका असर केवल UAE तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और खेल आयोजन पर भी पड़ेगा।
निष्कर्ष
UAE में इस भारी बारिश ने जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को सामने रखा है। रेगिस्तानी इलाकों में अचानक वर्षा की घटनाएं अब केवल दुर्लभ नहीं रहीं। इसके लिए शहरी नियोजन, जल निकासी और आपदा प्रबंधन नीतियों में बदलाव की आवश्यकता है। नागरिकों और प्रशासन को मिलकर इन मौसमी असामान्यताओं से निपटना होगा ताकि जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
