अमेरिका लंबे समय से दुनिया के सबसे लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशनों में से एक रहा है। न्यूयॉर्क की चमकती स्काईलाइन, कैलिफोर्निया के बीच, लास वेगास की नाइटलाइफ और फ्लोरिडा की गर्म धूप — ये सब हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। लेकिन हाल के महीनों में अमेरिका का वही आकर्षण अब चिंता में बदलता दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका के कई बड़े शहरों में विदेशी सैलानियों पर हमलों और लूटपाट की घटनाओं में तेज़ी आई है। यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका अब यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रहा?

कैलिफोर्निया से न्यूयॉर्क तक — टूरिस्टों पर बढ़ते हमले
हाल ही में लॉस एंजिल्स, सान फ्रांसिस्को, शिकागो और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख शहरों से ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां विदेशी सैलानियों को निशाना बनाया गया। कुछ मामलों में लूटपाट हुई, तो कुछ में हथियारों से हमला। कैलिफोर्निया में जापान से आए एक कपल के साथ हुई वारदात ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी। वे हॉलीवुड बुलेवार्ड पर फोटो खींच रहे थे, तभी दो नकाबपोश बदमाशों ने उनकी गाड़ी लूट ली और भाग निकले। इसी तरह न्यूयॉर्क में एक ब्रिटिश टूरिस्ट पर मेट्रो स्टेशन के बाहर चाकू से हमला किया गया।
एफबीआई की रिपोर्ट: 2025 में हिंसक अपराधों में 18% वृद्धि
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2025 के पहले नौ महीनों में हिंसक अपराधों के मामलों में करीब 18% की वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें से लगभग 12% घटनाएं पर्यटकों को प्रभावित करने वाली थीं — यानी अपराधी जानबूझकर बाहरी लोगों को निशाना बना रहे हैं। लॉस एंजिल्स और सैन फ्रांसिस्को में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है, जहां चोरी और कारजैकिंग के मामले तेजी से बढ़े हैं।
सैलानियों में बढ़ रहा डर, होटल बुकिंग में गिरावट
ट्रैवल एजेंसियों और ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म्स ने बताया कि अक्टूबर-नवंबर में अमेरिका के प्रमुख शहरों की बुकिंग में लगभग 10–12% की गिरावट आई है। लंदन और सिडनी से आने वाले कई पर्यटक अब यूरोप या जापान जैसे विकल्प चुन रहे हैं। एक ऑस्ट्रेलियाई यात्री, जो न्यूयॉर्क आने वाला था, ने कहा,
“मैंने हमेशा अमेरिका को सपनों का देश समझा, लेकिन अब सोशल मीडिया पर इतनी हिंसा और अपराध की खबरें देखकर डर लगता है।”
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बना डर की वजह
हाल के दिनों में कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिनमें टूरिस्टों को सड़क पर घेरकर लूटा गया। कुछ घटनाओं में पुलिस मौके पर देर से पहुंची।
एक वीडियो में दिखा कि सैन फ्रांसिस्को के डाउनटाउन में एक महिला टूरिस्ट से दिनदहाड़े बैग छीन लिया गया और आसपास खड़े लोग सिर्फ मोबाइल निकालकर वीडियो बनाते रहे। यह दृश्य देखकर कई लोगों ने कहा — “यह वही अमेरिका है जो दुनिया को सुरक्षा का पाठ पढ़ाता है?”
न्यूयॉर्क — जो कभी ‘सिटी दैट नेवर स्लीप्स’ थी, अब सैलानियों के लिए खतरा?
न्यूयॉर्क का टाइम्स स्क्वायर और सेंट्रल पार्क दुनिया भर के टूरिस्टों की पहली पसंद रहा है। लेकिन अब यहां भी खतरे की घंटी बज चुकी है।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, 2025 में अब तक टाइम्स स्क्वायर इलाके में टूरिस्टों पर छोटे-बड़े 400 से अधिक हमले दर्ज किए गए हैं। इनमें चोरी, मोबाइल स्नैचिंग, और नशे में झगड़े शामिल हैं। शहर के मेयर ने इसे “चिंताजनक स्थिति” बताते हुए रात के समय गश्त बढ़ाने के आदेश दिए हैं।
अपराध के पीछे के कारण — बेरोजगारी और नशे की लत
अर्थशास्त्रियों और समाजशास्त्रियों का मानना है कि बढ़ते अपराध के पीछे कई कारण हैं —
- बेरोजगारी में वृद्धि – कोविड के बाद की आर्थिक अस्थिरता अभी भी खत्म नहीं हुई है।
- ड्रग्स की समस्या – फेंटानिल जैसे नशे के पदार्थों ने अमेरिका के कई शहरों में अपराध दर बढ़ा दी है।
- सामाजिक असमानता – अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई अपराध को बढ़ावा दे रही है।
क्या अमेरिका यात्रा अब असुरक्षित है?
अमेरिकी सरकार का कहना है कि देश में अब भी ज्यादातर जगहें सुरक्षित हैं और पर्यटक बिना डर के यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने कुछ चेतावनियां जारी की हैं —
- रात के समय भीड़-भाड़ से दूर इलाकों में न जाएं
- टैक्सी या राइड ऐप का उपयोग करते समय पहचान की पुष्टि करें
- अपने पास कम नकद रखें और कीमती वस्तुएं न दिखाएं
पर्यटन विभाग का मानना है कि अमेरिका की साख को बचाने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है, क्योंकि टूरिज्म देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है।
यात्रियों की सलाह
अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका यात्रा से पहले सुरक्षा पर ध्यान देना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।
कुछ ट्रैवल एजेंसियां अब “सेफ सिटी पैकेज” पेश कर रही हैं, जिसमें टूरिस्टों को उन इलाकों में ले जाया जाता है जहां अपराध दर बेहद कम है — जैसे सिएटल, बोस्टन या सैन डिएगो।
निष्कर्ष
अमेरिका भले ही दुनिया की सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था और आधुनिक समाज का प्रतीक हो, लेकिन बढ़ते अपराधों ने इसकी छवि पर धब्बा लगा दिया है।
सवाल अब यह नहीं कि “क्या अमेरिका घूमने के लिए अच्छा है”, बल्कि यह है कि “क्या अमेरिका अब घूमने के लिए सुरक्षित है?”
