अरुण जेटली स्टेडियम में जम्मू-कश्मीर की पहली रणजी जीत, दिल्ली को 6 विकेट से हराया

भारत की प्रतिष्ठित घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी में इस बार इतिहास रचा गया है। जम्मू और कश्मीर (J&K) की टीम ने दिल्ली को उसी के घर अरुण जेटली स्टेडियम में हराकर अपनी पहली बड़ी जीत दर्ज की है। कप्तान पारस डोगरा की अगुवाई में टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए दिल्ली को पूरी तरह पछाड़ दिया। इस मैच में कमरान इकबाल की नाबाद 133 रनों की पारी और अकीब नबी की घातक गेंदबाजी ने मुकाबले का रुख बदल दिया।
ऐतिहासिक जीत की कहानी: 179 का लक्ष्य और इकबाल का कमाल
मैच का आखिरी दिन जम्मू और कश्मीर के लिए यादगार बन गया। टीम को जीत के लिए 179 रनों का लक्ष्य मिला था। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक स्कोर था 2 विकेट पर 55 रन, और उम्मीदें दोनों ओर थीं। लेकिन चौथे दिन कमरान इकबाल ने दिल्ली के गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि मैच पूरी तरह जम्मू-कश्मीर के नाम हो गया।
इकबाल ने 147 गेंदों में 133 नाबाद रन बनाए, जिसमें 20 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। दूसरी ओर वंशज शर्मा ने दूसरे छोर पर डटे रहकर महत्वपूर्ण सहयोग दिया। उन्होंने भले ही 60 गेंदों पर केवल 8 रन बनाए हों, लेकिन उनका विकेट संभालकर खेलना इकबाल के लिए दीवार साबित हुआ। कप्तान पारस डोगरा 10 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत दिलाई।
पहली पारी में अकीब नबी का जलवा
मैच की शुरुआत से ही जम्मू और कश्मीर ने अपना इरादा जाहिर कर दिया था। कप्तान डोगरा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। यह फैसला सही साबित हुआ जब अकीब नबी ने अपनी तेज़ गेंदबाजी से दिल्ली के बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया।
नबी ने 5 विकेट लेकर दिल्ली की पूरी टीम को 69 ओवरों में 211 रन पर समेट दिया। दिल्ली के बल्लेबाज आयुष बडोनी, आयुष डोसेजा और सुमित माथुर ने अर्धशतक बनाकर टीम को थोड़ा संभाला, वरना स्कोर और भी नीचे रह सकता था।
डोगरा और अब्दुल समद ने पारी संभाली
पहली पारी में जम्मू और कश्मीर की शुरुआत खराब रही। 46 रन पर ही चार विकेट गिर चुके थे। लेकिन अनुभवी डोगरा और युवा अब्दुल समद ने साझेदारी कर टीम को संभाला। समद ने शानदार 85 रन बनाए जबकि डोगरा ने बेहतरीन शतक जड़ा।
दिल्ली के लिए सिमरजीत सिंह ने उम्दा गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट लिए, पर उनकी मेहनत बेकार गई। जम्मू और कश्मीर की टीम ने 91.2 ओवर में 310 रन बनाए और 99 रनों की बढ़त हासिल की।
दिल्ली की दूसरी पारी फिर फ्लॉप
दूसरी पारी में दिल्ली के बल्लेबाज एक बार फिर दबाव में दिखे। शुरुआत तो अच्छी रही लेकिन जैसे ही मध्यक्रम पर दबाव बढ़ा, विकेट गिरते चले गए। बडोनी और डोसेजा ने फिर से अर्धशतक जमाए, लेकिन इस बार भी कोई बल्लेबाज टीम को संकट से नहीं निकाल सका।
दिल्ली का स्कोर एक समय 3 विकेट पर 244 रन था, लेकिन जल्द ही पूरी टीम 277 पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर के गेंदबाज वंशज शर्मा ने इस बार शानदार गेंदबाजी की और 6 विकेट झटके, जिससे दिल्ली की हार तय हो गई।
रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन
यह जीत जम्मू और कश्मीर के लिए बेहद खास है। इस सीजन में उन्होंने चार मैचों में दूसरी जीत दर्ज की है। अब टीम के पास 14 अंक हैं और वह ग्रुप डी में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। पहले स्थान पर मुंबई है, जिसने अब तक एक भी मैच नहीं हारा।
वहीं दिल्ली की स्थिति निराशाजनक है — टीम अब भी छठे स्थान पर है और एक भी मैच नहीं जीत पाई है। तीन ड्रॉ और अब यह हार, टीम के प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े कर रही है।
अगला मुकाबला और भविष्य की उम्मीदें
जम्मू और कश्मीर का अगला मैच 16 नवंबर से अपने घरेलू मैदान पर हैदराबाद के खिलाफ होगा। यह मुकाबला सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी 2025-26 के ब्रेक से पहले खेला जाएगा। टीम के खिलाड़ी अब आत्मविश्वास से लबरेज हैं और इस जीत को अपने आगामी मैचों की प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन एक नजर में
खिलाड़ी प्रदर्शन मुख्य योगदान
कमरान इकबाल बल्लेबाज नाबाद 133 रन (20 चौके, 3 छक्के) अकीब नबी गेंदबाज 5 विकेट (पहली पारी में)
पारस डोगरा (कप्तान) बल्लेबाज शतक (पहली पारी), कप्तानी में जीत वंशज शर्मा ऑलराउंडर 6 विकेट (दूसरी पारी), 8 रन की उपयोगी पारी
