आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जिसे अब तक भविष्य की सबसे बड़ी क्रांति माना जा रहा था, उसी तकनीक को लेकर इसके सबसे बड़े चेहरों में शामिल सैम ऑल्टमैन अब खुलकर चिंता जता रहे हैं। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि एआई जितनी तेजी से शक्तिशाली हो रही है, उतनी ही तेजी से इसके गलत इस्तेमाल और गंभीर खतरों की आशंका भी बढ़ रही है। यह चिंता किसी बाहरी आलोचक की नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की है, जो इस तकनीक के विकास की अगुवाई कर रहा है।

एक्स पोस्ट से सामने आई OpenAI की चिंता
सैम ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह संकेत दिया कि कंपनी आने वाले समय में एआई से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर बेहद गंभीर है। इसी पोस्ट में उन्होंने एक नए पद “हेड ऑफ प्रिपेयर्डनेस” की घोषणा की। यह पद खास तौर पर एआई एजेंट्स, प्रॉम्प्ट इंजेक्शन और उभरते साइबर खतरों से निपटने के लिए बनाया गया है।
इस पद के लिए 5 लाख 55 हजार डॉलर का सालाना वेतन और इक्विटी ऑफर की जा रही है, जो यह दिखाता है कि OpenAI इस भूमिका को कितनी अहमियत दे रही है। ऑल्टमैन ने खुद इसे “एक जरूरी और समय की मांग वाला रोल” बताया।
क्यों बढ़ रही है एआई से खतरे की आशंका
सैम ऑल्टमैन के अनुसार, एआई मॉडल अब केवल सवालों के जवाब देने या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं रह गए हैं। वे तेजी से ऐसे स्तर पर पहुंच रहे हैं, जहां वे कंप्यूटर सुरक्षा की गंभीर कमजोरियों को पहचानने लगे हैं। यह क्षमता जहां एक ओर सुरक्षा सुधारने में मदद कर सकती है, वहीं दूसरी ओर गलत हाथों में पड़ने पर यह विनाशकारी भी हो सकती है।
ऑल्टमैन ने अपने बयान में यह भी कहा कि साल 2025 के दौरान कंपनी ने एआई मॉडल्स के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की झलक देखी है। यह संकेत है कि एआई केवल तकनीकी ही नहीं, बल्कि सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी असर डाल रहा है।
एआई एजेंट्स, नई ताकत या नया खतरा
एआई एजेंट्स ऐसे सिस्टम होते हैं जो अपने आप निर्णय ले सकते हैं, कार्य कर सकते हैं और दूसरे सिस्टम्स के साथ इंटरैक्ट कर सकते हैं। यही स्वायत्तता इन्हें खतरनाक भी बनाती है। सैम ऑल्टमैन का मानना है कि आने वाले समय में एआई एजेंट्स की ताकत कई गुना बढ़ सकती है और अगर इन्हें नियंत्रित नहीं किया गया, तो इनके दुरुपयोग की संभावना भी उतनी ही बढ़ेगी।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह समझना जरूरी है कि एआई की शक्ति का इस्तेमाल अच्छे उद्देश्यों के लिए हो। इसके लिए सुरक्षा ढांचे को उसी गति से मजबूत करना होगा, जिस गति से तकनीक आगे बढ़ रही है।
प्रॉम्प्ट इंजेक्शन, एआई की सबसे कमजोर कड़ी
एआई से जुड़े खतरों में प्रॉम्प्ट इंजेक्शन एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है। यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें हैकर एआई मॉडल को गलत या छुपे हुए निर्देश देकर उसे धोखा देता है। इससे एआई ऐसा आउटपुट दे सकता है, जो न सिर्फ गलत हो, बल्कि खतरनाक भी हो सकता है।
सैम ऑल्टमैन और OpenAI की चिंता इस बात को लेकर है कि जैसे-जैसे एआई ज्यादा जटिल और सक्षम होता जा रहा है, वैसे-वैसे प्रॉम्प्ट इंजेक्शन जैसे हमले भी ज्यादा परिष्कृत होते जा रहे हैं।
साइबर हमलों में एआई का बढ़ता इस्तेमाल
हालिया रिपोर्ट्स ने OpenAI की चिंता को और मजबूत किया है। बताया गया है कि एआई सिस्टम्स का इस्तेमाल करके साइबर हमले किए जा रहे हैं। पिछले महीने एक बड़ी रिपोर्ट में सामने आया कि एआई आधारित क्लाउड कोड टूल्स का इस्तेमाल कर लगभग 30 वैश्विक संस्थानों को निशाना बनाया गया।
इन हमलों की चपेट में टेक कंपनियां, वित्तीय संस्थान और सरकारी एजेंसियां तक आईं। यह साफ संकेत है कि एआई अब केवल सहायक तकनीक नहीं रहा, बल्कि साइबर युद्ध का हथियार भी बन सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता
सैम ऑल्टमैन ने जिस मुद्दे को सबसे संवेदनशील बताया, वह है मानसिक स्वास्थ्य। एआई चैटबॉट्स को लेकर कई हाई-प्रोफाइल मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में चैटबॉट्स ने किशोरों की आत्महत्या जैसी घटनाओं में भूमिका निभाई।
इसके अलावा, ऐसी रिपोर्टें भी सामने आई हैं जिनमें कहा गया है कि कुछ एआई सिस्टम्स यूजर्स को भ्रम में डाल रहे हैं या उन्हें वास्तविकता से दूर ले जा रहे हैं। यह चिंता केवल तकनीकी नहीं, बल्कि मानवीय है।
OpenAI की तैयारी और नई रणनीति
इन्हीं खतरों को देखते हुए OpenAI अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्क नजर आ रही है। “हेड ऑफ प्रिपेयर्डनेस” की भर्ती इस बात का संकेत है कि कंपनी भविष्य के जोखिमों को आज से ही पहचानना और उनके लिए रणनीति बनाना चाहती है।
सैम ऑल्टमैन ने साफ किया कि एआई मॉडल तेजी से बेहतर हो रहे हैं और कई अद्भुत काम करने में सक्षम हैं, लेकिन हर नई क्षमता के साथ नई जिम्मेदारियां और नई चुनौतियां भी जुड़ जाती हैं।
2026 तक और गंभीर हो सकते हैं खतरे
OpenAI का आंतरिक आकलन यह संकेत देता है कि 2026 तक एआई से जुड़े खतरे और भी गंभीर हो सकते हैं। यही वजह है कि कंपनी अभी से सुरक्षा, नीति और नियंत्रण पर निवेश कर रही है।
यह पहली बार नहीं है जब ऑल्टमैन ने एआई को लेकर चेतावनी दी हो, लेकिन यह जरूर पहली बार है जब उन्होंने इसे इतनी स्पष्टता और गंभीरता से सार्वजनिक मंच पर स्वीकार किया है।
तकनीक और जिम्मेदारी के बीच संतुलन
एआई की कहानी अब केवल नवाचार और सुविधा की नहीं रही। यह जिम्मेदारी, नियंत्रण और नैतिकता की कहानी भी बन चुकी है। सैम ऑल्टमैन का बयान इसी बदलाव का संकेत है।
उनका मानना है कि अगर आज सही कदम नहीं उठाए गए, तो वही तकनीक जो मानवता के लिए वरदान मानी जा रही है, भविष्य में बड़ी समस्याओं की वजह बन सकती है।
हरिगीत प्रवाह में भविष्य की चेतावनी
हरिगीत प्रवाह में देखें तो एआई एक ऐसी धारा है, जो अगर सही दिशा में बहे तो जीवन को समृद्ध कर सकती है, लेकिन अगर अनियंत्रित हो जाए, तो विनाशकारी बाढ़ भी बन सकती है। सैम ऑल्टमैन की चिंता इसी संतुलन को बनाए रखने की कोशिश है।
