मुख्य बातें
- मुंबई इंडियंस ने 17 अक्टूबर 2026 को महेला जयवर्धने के हेड कोच पद छोड़ने की घोषणा की।
- जयवर्धने की कोचिंग में मुंबई इंडियंस ने 2017, 2019 और 2020 में IPL खिताब जीते।
- वह 2022 में फ्रेंचाइजी के ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस बने थे और 2025 सीजन से फिर मुख्य कोच की भूमिका में लौटे।
- मुंबई इंडियंस ने नए हेड कोच के नाम की घोषणा नहीं की थी; फ्रेंचाइजी के अगले फैसले पर नजर रहेगी।

महेला जयवर्धने ने मुंबई इंडियंस के हेड कोच का पद छोड़ने का फैसला किया है। 17 अक्टूबर 2026 को फ्रेंचाइजी की ओर से इसकी घोषणा के साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे चर्चित टीमों में से एक के कोचिंग ढांचे में बड़े बदलाव की खबर सामने आई। श्रीलंका के पूर्व कप्तान जयवर्धने का मुंबई इंडियंस से रिश्ता करीब एक दशक पुराना रहा है। उनके मार्गदर्शन में टीम ने 2017, 2019 और 2020 में IPL का खिताब जीता था। ऐसे रिकॉर्ड के साथ उनका जाना केवल एक पद खाली होने की घटना नहीं, बल्कि फ्रेंचाइजी के हालिया दौर के एक अहम अध्याय का अंत भी है।
मुंबई इंडियंस के लिए यह फैसला अगले सीजन की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। टीम ने पिछले वर्षों में मजबूत खिलाड़ियों, अनुभवी नेतृत्व और रणनीतिक योजना के दम पर अपनी पहचान बनाई है। लेकिन IPL 2026 में दस टीमों के बीच नौवें स्थान पर रहने के बाद फ्रेंचाइजी के सामने प्रदर्शन को फिर से पटरी पर लाने की चुनौती है। ऐसे समय में मुख्य कोच का बदलना टीम की रणनीति, खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण और मैदान पर फैसले लेने के तरीकों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, नए कोच की नियुक्ति और बदलाव की विस्तृत वजहों को लेकर अंतिम निष्कर्ष तभी निकाला जा सकेगा, जब फ्रेंचाइजी की ओर से आगे की जानकारी दी जाएगी।
महेला जयवर्धने के तीन IPL खिताब
महेला जयवर्धने का मुंबई इंडियंस के साथ सबसे उल्लेखनीय दौर 2017 से 2022 तक रहा, जब उन्होंने टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली। इस अवधि में मुंबई ने 2017, 2019 और 2020 में खिताब जीतकर IPL की सबसे सफल टीमों में अपनी स्थिति मजबूत की। तीन ट्रॉफियां इस बात का संकेत थीं कि टीम केवल प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं थी, बल्कि उसके पास दबाव वाले मुकाबलों में प्रदर्शन निकालने की क्षमता और स्पष्ट रणनीतिक ढांचा भी था।
IPL जैसे लंबे और प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में सफलता के लिए केवल बड़े नाम काफी नहीं होते। खिलाड़ियों की भूमिका तय करना, चोट या खराब फॉर्म के दौरान विकल्प तैयार रखना, अलग-अलग मैदानों की परिस्थितियों के मुताबिक योजना बनाना और महत्वपूर्ण मुकाबलों में संयम बनाए रखना भी जरूरी होता है। जयवर्धने के कार्यकाल में मुंबई ने कई बार ऐसी स्थिरता दिखाई। उनकी कोचिंग को फ्रेंचाइजी के सफल दौर के प्रमुख हिस्सों में गिना जाता है, हालांकि किसी भी खिताब का श्रेय सिर्फ मुख्य कोच को देना पूरी टीम, सहयोगी स्टाफ और खिलाड़ियों के योगदान को कम करके देखना होगा।
इन सफलताओं ने जयवर्धने और मुंबई इंडियंस के बीच एक मजबूत पेशेवर संबंध बनाया। टीम की पहचान, खिलाड़ियों के साथ काम करने की शैली और लंबे समय की योजना में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसलिए उनका पद छोड़ना प्रशंसकों के लिए भी एक भावनात्मक खबर है। मुंबई के समर्थक अब यह जानना चाहेंगे कि नया कोच टीम की सफल परंपरा को आगे बढ़ाएगा या अगले सीजन के लिए काम करने का तरीका बदलेगा।
पहले कार्यकाल के बाद बदली भूमिका
मुंबई इंडियंस के साथ जयवर्धने का सफर केवल मुख्य कोच की कुर्सी तक सीमित नहीं रहा। 2022 में उन्होंने फ्रेंचाइजी के ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस की जिम्मेदारी संभाली। इस भूमिका में उनका काम एक टीम के रोजमर्रा के प्रशिक्षण और मैच रणनीति से आगे बढ़कर दुनिया भर में फैली मुंबई इंडियंस की क्रिकेट गतिविधियों से जुड़ा था। फ्रेंचाइजी की विभिन्न टीमों के प्रदर्शन, कामकाज और क्रिकेट संबंधी योजनाओं में समन्वय इस जिम्मेदारी का अहम हिस्सा रहा।
मुंबई इंडियंस का विस्तार भारत में IPL टीम तक ही सीमित नहीं है। फ्रेंचाइजी से जुड़ी टीमों ने महिला क्रिकेट और विदेशी लीगों में भी अपनी मौजूदगी बनाई। जयवर्धने के इस कार्यकाल के दौरान मुंबई इंडियंस विमेंस, एमआई न्यूयॉर्क और एमआई एमिरेट्स ने अपने-अपने टूर्नामेंटों में खिताब जीते। यह उपलब्धि फ्रेंचाइजी के व्यापक क्रिकेट मॉडल के लिए महत्वपूर्ण रही, जिसमें अलग-अलग प्रतियोगिताओं में टीमों का संचालन और प्रदर्शन सुधारना शामिल है।
ग्लोबल स्तर की भूमिका ने जयवर्धने को केवल IPL की रणनीति पर काम करने के बजाय विभिन्न टीमों के क्रिकेट ढांचे को देखने का अवसर दिया। अलग-अलग लीगों में खिलाड़ियों की उपलब्धता, प्रतियोगिता का प्रारूप, स्थानीय परिस्थितियां और टीम संयोजन अलग होते हैं। ऐसे में एक साझा क्रिकेट दर्शन को बनाए रखते हुए स्थानीय जरूरतों के अनुसार बदलाव करना बड़ी चुनौती होती है। उनके अनुभव का यही हिस्सा मुंबई इंडियंस के व्यापक संगठनात्मक सफर में अहम माना जा सकता है।
2025 में फिर बने मुख्य कोच
ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस की जिम्मेदारी संभालने के बाद जयवर्धने ने 2025 सीजन से एक बार फिर मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच का पद संभाला। उनसे पहले दो सीजन तक मार्क बाउचर इस भूमिका में थे। जयवर्धने की वापसी को फ्रेंचाइजी के लिए परिचित नेतृत्व की ओर लौटने के रूप में देखा गया, क्योंकि वह टीम की कार्यशैली, खिलाड़ियों और संगठन की जरूरतों को पहले से समझते थे।
2025 में मुंबई इंडियंस प्लेऑफ तक पहुंची। यह प्रदर्शन बताता था कि टीम प्रतिस्पर्धा में वापसी करने की क्षमता रखती है। हालांकि, IPL में प्लेऑफ तक पहुंचना और खिताब जीतना दो अलग लक्ष्य हैं। टूर्नामेंट के दौरान निरंतरता, खिलाड़ियों की फिटनेस, शुरुआती मैचों में लय और दबाव के क्षणों में सही फैसले किसी टीम की अंतिम स्थिति तय कर सकते हैं। एक सीजन का प्रदर्शन अगले साल की सफलता की गारंटी नहीं बनता।
2026 में तस्वीर बदल गई। मुंबई इंडियंस दस टीमों के बीच नौवें स्थान पर रही। यह नतीजा फ्रेंचाइजी की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं था, खासकर उस टीम के लिए जिसने कई बार खिताब जीतकर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। फिर भी केवल अंक तालिका के आधार पर किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। टीम के प्रदर्शन पर बल्लेबाजी, गेंदबाजी, खिलाड़ियों की उपलब्धता, विरोधी टीमों की रणनीति और मैच के दौरान लिए गए फैसलों सहित कई कारक असर डालते हैं। जयवर्धने के पद छोड़ने के फैसले और 2026 के नतीजे के बीच कोई सीधा कारण संबंध फ्रेंचाइजी के स्पष्ट बयान के बिना मान लेना उचित नहीं होगा।
IPL 2026 में नौवां स्थान क्यों चर्चा में
मुंबई इंडियंस की पहचान लंबे समय तक बड़े मुकाबलों में वापसी करने वाली टीम के रूप में रही है। इसी वजह से जब टीम अंक तालिका के निचले हिस्से में पहुंचती है, तो उसके प्रदर्शन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रशंसक यह जानना चाहते हैं कि क्या टीम का संयोजन सही था, क्या खिलाड़ियों को उनकी उपयुक्त भूमिका मिली और क्या महत्वपूर्ण मुकाबलों में रणनीति प्रभावी रही। लेकिन किसी एक सीजन का नतीजा अपने आप में पूरी व्यवस्था की विफलता का प्रमाण नहीं होता।
IPL में टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ी है। खिलाड़ियों की नीलामी, युवा प्रतिभाओं का उभार, विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता और विरोधी टीमों की तैयारी हर सीजन समीकरण बदल देती है। जिस संयोजन ने एक साल सफलता दिलाई हो, वह अगले साल उतना असरदार नहीं रह सकता। इसी कारण फ्रेंचाइजी को अपने प्रदर्शन की समीक्षा करते समय केवल जीत और हार नहीं, बल्कि टीम की दीर्घकालिक जरूरतों को भी समझना पड़ता है।
मुंबई के लिए IPL 2026 का नौवां स्थान अगले सीजन से पहले कई सवाल छोड़ता है। क्या टीम को कोचिंग शैली में बदलाव चाहिए? क्या मौजूदा खिलाड़ियों की भूमिकाओं की फिर से समीक्षा होगी? क्या युवा प्रतिभाओं को अधिक अवसर मिलेंगे? इन सवालों के जवाब नए कोच की नियुक्ति, टीम प्रबंधन की योजनाओं और आगामी सीजन से पहले होने वाले फैसलों में दिखाई दे सकते हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्रेंचाइजी कौन-सी रणनीतिक दिशा चुनेगी।
नीता अंबानी ने योगदान को सराहा
मुंबई इंडियंस की मालकिन नीता अंबानी ने जयवर्धने के योगदान के लिए आभार जताया। फ्रेंचाइजी की ओर से जारी संदेश में उन्होंने उनकी शांत नेतृत्व शैली, ईमानदारी और क्रिकेट के प्रति गहरे लगाव की सराहना की। उनके वक्तव्य का मुख्य भाव यह था कि जयवर्धने ने वर्षों तक टीम के साथ समर्पण से काम किया और मुंबई इंडियंस के सफर में अहम योगदान दिया।
किसी खेल फ्रेंचाइजी में लंबे समय तक काम करने वाले कोच का प्रभाव सिर्फ मैच के नतीजों में नहीं दिखता। वह खिलाड़ियों के साथ संवाद, प्रशिक्षण की संस्कृति, टीम के भीतर जिम्मेदारियों के बंटवारे और कठिन समय में फैसले लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनता है। इसलिए विदाई के समय नेतृत्व और समर्पण की चर्चा केवल औपचारिक प्रशंसा नहीं, बल्कि उस पेशेवर रिश्ते की ओर भी संकेत करती है जो कई सीजन के दौरान विकसित होता है।
हालांकि, सार्वजनिक बयान से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि जयवर्धने को पद छोड़ने के लिए किस विशेष कारण ने प्रेरित किया। उपलब्ध जानकारी में फ्रेंचाइजी ने उनके योगदान की सराहना की है, लेकिन विदाई के पीछे किसी विवाद, मतभेद या व्यक्तिगत कारण की पुष्टि नहीं की गई। जब तक आधिकारिक रूप से अतिरिक्त जानकारी सामने न आए, इस फैसले को लेकर अटकलों को तथ्य की तरह पेश करना उचित नहीं होगा।
जयवर्धने ने मुंबई को क्या कहा
फ्रेंचाइजी की ओर से जारी बयान में जयवर्धने ने मुंबई इंडियंस के साथ बिताए समय को अपने क्रिकेट सफर का खास हिस्सा बताया। उन्होंने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, फ्रेंचाइजी से जुड़े लोगों और प्रशंसकों के सहयोग का उल्लेख किया तथा टीम के भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उनके संदेश से यह स्पष्ट होता है कि मुंबई इंडियंस के साथ उनका रिश्ता कई भूमिकाओं और कई सीजन तक फैला रहा।
किसी पेशेवर खेल संगठन में कोच और टीम के बीच संबंध केवल नियुक्ति और अनुबंध तक सीमित नहीं होता। लंबे समय तक एक ही व्यवस्था के साथ काम करने पर साझा अनुभव और कार्यशैली विकसित होती है। खिलाड़ी बदलते हैं, सहयोगी स्टाफ में बदलाव होता है और प्रतियोगिता का दबाव लगातार बना रहता है, लेकिन टीम की संस्कृति को बनाए रखने की जिम्मेदारी कोचिंग समूह के पास भी होती है। जयवर्धने का लंबा जुड़ाव इसी व्यापक अनुभव का हिस्सा रहा है।
उनकी विदाई के बाद मुंबई इंडियंस को अब यह तय करना होगा कि अगले कोच से किस तरह की अपेक्षाएं रखी जाएं। क्या प्राथमिकता टीम को तत्काल प्रतिस्पर्धी बनाने की होगी, या लंबे समय के लिए नई क्रिकेट योजना तैयार की जाएगी? व्यवहार में दोनों लक्ष्यों को साथ लेकर चलना पड़ सकता है। फ्रेंचाइजी के लिए चुनौती होगी कि वह पिछले सफल दौर के अनुभव का लाभ उठाए, लेकिन पुरानी रणनीतियों पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा टीम की जरूरतों के हिसाब से आगे बढ़े।
IPL 2027 के लिए नया कोच कौन होगा
महेला जयवर्धने के पद छोड़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल मुंबई इंडियंस के अगले मुख्य कोच को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फ्रेंचाइजी ने नए कोच के नाम की घोषणा नहीं की थी। ऐसे में किसी संभावित उम्मीदवार का नाम निश्चित रूप से बताना अभी जल्दबाजी होगी। कोच की नियुक्ति केवल खाली पद भरने का मामला नहीं होती; इससे टीम की क्रिकेट योजना और अगले सीजन की तैयारी की दिशा भी तय हो सकती है।
मुंबई इंडियंस के सामने ऐसा कोच चुनने की चुनौती होगी, जो खिलाड़ियों के अनुभव और युवा प्रतिभाओं के विकास के बीच संतुलन बना सके। IPL के छोटे लेकिन व्यस्त कार्यक्रम में रणनीतिक तैयारी के साथ खिलाड़ियों का प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है। मुख्य कोच को कप्तान, सहयोगी स्टाफ, चयन से जुड़े अधिकारियों और फ्रेंचाइजी प्रबंधन के साथ मिलकर काम करना पड़ता है। टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल और कमजोरियों को दूर करने की योजना नए नेतृत्व की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकती है।
नए कोच के चयन को लेकर प्रशंसकों की उत्सुकता स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी नियुक्ति की सफलता का आकलन केवल नाम या पुराने रिकॉर्ड से नहीं किया जा सकता। कोच को टीम की जरूरतों, उपलब्ध खिलाड़ियों और प्रतियोगिता की परिस्थितियों के अनुरूप काम करना होगा। अंतिम तस्वीर तब साफ होगी, जब मुंबई इंडियंस आधिकारिक तौर पर अपनी अगली नियुक्ति और तैयारी से जुड़ी जानकारी साझा करेगी।
मुंबई इंडियंस के सामने आगे की चुनौतियां
मुख्य कोच का बदलाव टीम के लिए नई शुरुआत का अवसर हो सकता है, लेकिन केवल नेतृत्व बदलने से परिणाम अपने आप नहीं सुधरते। टीम को पिछले सीजन के प्रदर्शन की समीक्षा करनी होगी और यह समझना होगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत है। बल्लेबाजी की निरंतरता, गेंदबाजी में प्रभाव, मैच के अंतिम ओवरों की योजना और खिलाड़ियों की भूमिकाओं में स्पष्टता जैसे पहलुओं पर ध्यान देना उपयोगी होगा। ये सामान्य क्रिकेटीय क्षेत्र हैं; उपलब्ध जानकारी से यह दावा नहीं किया जा सकता कि मुंबई की नौवें स्थान की समाप्ति के पीछे इनमें से कोई एक कारण निर्णायक था।
फ्रेंचाइजी को अपनी मजबूत परंपरा और वर्तमान जरूरतों के बीच भी संतुलन बनाना होगा। पुराने खिताब टीम की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं, लेकिन अगले सीजन की सफलता वर्तमान प्रदर्शन और तैयारी पर निर्भर करेगी। युवा खिलाड़ियों को अवसर देना, अनुभवी क्रिकेटरों से नेतृत्व लेना और टीम में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना लंबी योजना के महत्वपूर्ण हिस्से हो सकते हैं। कोचिंग समूह का काम इन अलग-अलग जरूरतों को एक साझा लक्ष्य में बदलना होता है।
IPL 2027 से पहले होने वाले फैसले इसलिए अहम होंगे, क्योंकि वे यह संकेत देंगे कि मुंबई इंडियंस मौजूदा ढांचे को मजबूत करना चाहती है या अपनी रणनीति में व्यापक बदलाव करना चाहती है। जयवर्धने का अनुभव फ्रेंचाइजी के इतिहास का हिस्सा रहेगा, लेकिन अब टीम को भविष्य की जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ना होगा। प्रशंसकों की नजरें नए कोच की नियुक्ति और आगामी सीजन के लिए तैयार की जाने वाली टीम योजना पर रहेंगी।
महेला जयवर्धने की विरासत
महेला जयवर्धने का मुंबई इंडियंस के साथ सफर कई भूमिकाओं से होकर गुजरा—मुख्य कोच, वैश्विक प्रदर्शन प्रमुख और फिर मुख्य कोच के रूप में वापसी। उनकी कोचिंग में तीन IPL खिताब जीतना इस जुड़ाव की सबसे बड़ी उपलब्धि है। दूसरी फ्रेंचाइजी टीमों की सफलताओं के दौरान उनकी भूमिका भी मुंबई इंडियंस के वैश्विक क्रिकेट विस्तार की कहानी का हिस्सा रही। इस तरह उनका योगदान केवल एक टीम के सीजन-दर-सीजन प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा।
क्रिकेट में कोच का मूल्यांकन अक्सर ट्रॉफियों से किया जाता है, लेकिन लंबे समय तक किसी फ्रेंचाइजी के साथ काम करने का असर इससे व्यापक हो सकता है। टीम की तैयारी, खिलाड़ियों के विकास, भूमिकाओं के निर्धारण और प्रतिस्पर्धा के लिए बनाए गए ढांचे में भी कोच का योगदान रहता है। फिर भी अंतिम परिणाम सामूहिक प्रयास से बनते हैं। जयवर्धने के कार्यकाल को समझते समय उनकी उपलब्धियों के साथ खिलाड़ियों, कप्तानों और सहयोगी स्टाफ की भूमिका को भी बराबर महत्व देना चाहिए।
महेला जयवर्धने के जाने से मुंबई इंडियंस का एक महत्वपूर्ण दौर समाप्त हुआ है। अब टीम के सामने नई शुरुआत का अवसर है। IPL 2027 में फ्रेंचाइजी किस तरह वापसी करती है, यह उसके अगले कोच, खिलाड़ियों की तैयारी और मैदान पर प्रदर्शन से तय होगा। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि जयवर्धने ने पद छोड़ दिया है, जबकि नए मुख्य कोच की घोषणा का इंतजार है।
FAQ
1. महेला जयवर्धने ने मुंबई इंडियंस का हेड कोच पद क्यों छोड़ा?
17 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध रिपोर्ट में मुंबई इंडियंस ने जयवर्धने के पद छोड़ने की घोषणा की, लेकिन फैसले का कोई विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किया गया। इसलिए इसे IPL 2026 में टीम के नौवें स्थान पर रहने का सीधा परिणाम बताना सही नहीं होगा। आधिकारिक बयान या अतिरिक्त जानकारी के बिना किसी खास वजह की पुष्टि नहीं की जा सकती।
2. महेला जयवर्धने की कोचिंग में मुंबई इंडियंस ने कितने IPL खिताब जीते?
महेला जयवर्धने के मुख्य कोच रहने के दौरान मुंबई इंडियंस ने 2017, 2019 और 2020 में IPL खिताब जीते। ये तीनों खिताब फ्रेंचाइजी के सफल दौर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि, टीम की सफलता में खिलाड़ियों, कप्तान, सहयोगी कोचों और अन्य स्टाफ का योगदान भी शामिल था।
3. महेला जयवर्धने मुंबई इंडियंस के कोच कब बने थे?
जयवर्धने ने 2017 में मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली और 2022 तक इस भूमिका में रहे। इसके बाद उन्होंने फ्रेंचाइजी के ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस के रूप में काम किया। 2025 सीजन से पहले वह फिर मुख्य कोच बने। अब उन्होंने इस पद को छोड़ने का फैसला किया है।
4. महेला जयवर्धने के बाद मुंबई इंडियंस का नया कोच कौन बनेगा?
उपलब्ध रिपोर्ट में मुंबई इंडियंस के नए मुख्य कोच के नाम की घोषणा नहीं की गई थी। फ्रेंचाइजी ने कहा था कि नए कोच का ऐलान आगे किया जा सकता है। जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, किसी संभावित नाम को निश्चित नियुक्ति के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
5. IPL 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन कैसा रहा?
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई इंडियंस IPL 2026 में दस टीमों के बीच नौवें स्थान पर रही। इससे अगले सीजन के लिए टीम की तैयारी और प्रदर्शन की समीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, अंक तालिका में स्थान अपने आप में किसी एक खिलाड़ी, कोच या रणनीति को असफलता के लिए जिम्मेदार साबित नहीं करता।
6. महेला जयवर्धने ने मुंबई इंडियंस में कौन-सी दूसरी भूमिका निभाई?
मुख्य कोच के पहले कार्यकाल के बाद 2022 में जयवर्धने ने ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस की भूमिका संभाली। इस दौरान वह फ्रेंचाइजी की विभिन्न लीगों में मौजूद टीमों से जुड़े क्रिकेट संचालन और प्रदर्शन संबंधी कामकाज का हिस्सा रहे। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में मुंबई इंडियंस विमेंस, एमआई न्यूयॉर्क और एमआई एमिरेट्स ने खिताब जीते।
7. क्या महेला जयवर्धने का जाना IPL 2027 में मुंबई इंडियंस को प्रभावित करेगा?
मुख्य कोच का बदलाव टीम की तैयारी, खिलाड़ियों की भूमिकाओं और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर असर डाल सकता है। लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव नए कोच की नियुक्ति, टीम के संयोजन और सीजन के दौरान प्रदर्शन से ही स्पष्ट होगा। केवल कोच बदलने से सफलता या असफलता तय नहीं होती।







